वकीलों की संस्था आल इंडिया लॉयर्स फोरम ने एलान किया है कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान या इससे उपजे किसी भी कानूनी विवाद के लिए किसानों व उनके सहयोगी प्रदर्शनकारियों को पंजाब, चंडीगढ़ व हरियाणा की किसी भी अदालत में केस लड़ने में हर प्रकार की सहायता दी जाएगी। फोरम पदाधिकारियों ने कहा कि यह कानूनी सहायता सेवार्थ होगी और इसके लिए कोई भी फीस नहीं ली जाएगी।
फोरम के पंजाब प्रधान बिक्रमजीत सिंह जटाणा ने कहा कि आल इंडिया लॉयर्स फोरम के पंजाब, चंडीगढ़ व हरियाणा राज्यों से संबंधित एग्जीक्यूटिव बॉडीज की विशेष मीटिंग की गई थी। बैठक में हरियाणा प्रधान उदित मेंहदीरत्ता व चंडीगढ़ प्रधान अमनदीप सिंह और तीनों राज्यों से संबंधित पदाधिकारी भी शामिल हुए। बैठक के दौरान केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान संगठनों के आंदोलन पर गंभीरता से चर्चा की गई।
बिक्रमजीत जटाणा ने कहा कि इसके साथ ही फोरम ने हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को रोकने के लिए की गई ज्यादती की सख्त निंदा की है। उन्होंने कहा कि फोरम ने फैसला लिया है कि सांविधानिक हक के तहत किए जा रहे इन शांतिमय विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा किए गए अत्याचारों और किसानों पर दर्ज मामलों में यदि किसान या उनके सहयोगी चाहेंगे तो उनके केस मुफ्त लड़े जाएंगे।
बैठक में फोरम के पदाधिकारी करन जिंदल, चरनजीत सिंह बराड़, मुनीष वैद्य, अर्पणदीप नरूला, अरुणजीत सिंह कक्कड़, करनपाल सिंह चीमा, हितेश वर्मा, अमनदीप छाबड़ा, अंकित गुप्ता, निशांत मैनी, मुनीष राज चौधरी, सतिंदर गर्ग, कुनाल संधू, गगनदीप सिंह, गीतांजलि वधवा, शेरबाज सिंह संधू, कुलविंदर लखनपाल, गुरबिंदर सिंह चाहल, सतवीर सिंह, सनजोत सिंह हारा व वरिंदरजीत सिंह बराड़ भी मौजूद रहे।