चंडीगढ़। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मलोया निवासी सौरभ पांडेय का मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे सेक्टर-25 के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
सौरभ के परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं। मां बेहोश पड़ी हैं। पिता इतने टूट चुके हैं कि उन्होंने अंतिम संस्कार में शामिल होने से इन्कार कर दिया। पूरे इलाके में शोक का माहौल है। सौरभ के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के तरबगंज के गांव जमता के रहने वाले सौरभ को उनके मौसा अंजनी कुमार पांडेय पांच साल की उम्र में चंडीगढ़ ले आए थे और यहां पाला-पोसा। सौरभ पढ़ाई में बेहद तेज थे। सौरभ ने झुग्गी में रहकर पढ़ाई की और पंजाब यूनिवर्सिटी से बीएससी व एमएससी की डिग्री लेने के बाद पीजीआई में ट्रेनिंग कर रहे थे। सोमवार उनका ट्रेनिंग का आखिरी दिन था, इसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स जाना था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
सौरभ के माता-पिता गांव में हैं और इस दुखद खबर को सुनकर बेसुध पड़े हैं। पिता इतने सदमे में हैं कि उन्होंने चंडीगढ़ आने से इन्कार कर दिया। वे अपने बेटे को कफन में लिपटा हुआ नहीं देखना चाहते थे।
सौरभ की किस्मत पहले कई बार उनका साथ दे चुकी थी। कुछ समय पहले कुंभ के दौरान दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में उन्होंने पटरी पर कूदकर अपनी जान बचाई थी, लेकिन इस बार मौत उन्हें अपने साथ ले गई।