चंडीगढ़। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) आईटीआई इंस्ट्रक्टर भर्ती पेपर लीक मामले में लैब मैनेजर आरोपी नीतीश का दो दिन का रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने रविवार को उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि मामले में अभी तक राकेश उर्फ राका, मंजीत व अमित की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
आरोपी नीतीश ने रिमांड के दौरान खुलासा किया था कि उसे टेक कंप्यूटर लैब के मालिक राकेश, मंजीत, सुनील राठी और कांस्टेबल अजय ने हायर कर कहा था कि परीक्षार्थियों से ऑनलाइन परीक्षा लेनी है। इसके बाद राकेश द्वारा उसे परीक्षार्थियों की सूची भेजी गई थी। उन्होंने कंप्यूटर लैब में परवीन, रोहित, अमित, दीपिका, कपिल, अनुदीप, अजय, अमित, संदीप, कपिल देव और परवेश समेत परीक्षार्थियों को बुलाया। रात में राकेश कुमार ने मोबाइल पर कॉल करके कहा कि सुबह परीक्षा प्रश्न पत्र की व्यवस्था नहीं की जा सकती है।
शाम की शिफ्ट के लिए प्रश्नपत्र की खरीद की गई है और वह उक्त प्रश्न पत्र लेकर आ रहा है। इस दौरान पुलिस टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कंप्यूटर लैब में छापा मार दिया। इन परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र की व्यवस्था के लिए 10 से 15 लाख रुपये की राशि ले रहे थे। इसके अलावा पकड़े गए परीक्षार्थियों के 164 के तहत बयान दर्ज करवाए गए थे। बयानों में बताया गया कि 4 दिसंबर को नीतीश ने फोन पर सभी परीक्षार्थियों को मैपल टेक कंप्यूटर लैब में पहुंचने को कहा। उक्त लैब में पहुंचने पर कहा गया कि प्रश्न पत्र की व्यवस्था की जा रही है। काफी देर बाद उसने कहा कि किसी कारण से पेपर में देरी हुई है और उन्हें रात में वहीं रुकने को कहा गया था।
मामले की गहनता से जांच के लिए एएसपी साउथ नेहा यादव की अगुवाई में एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की थी। इनमें सेक्टर 31 थाना प्रभारी राजदीप सिंह, एसआई परविंदर सिंह, एसआई इरम रिज़वी, एसआई चरणजीत सिंह, एएसआई परमिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल संदीप और देवेंदर को शामिल किया गया है। पुलिस आला अधिकारियों का दावा है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों को जल्द ही दबोच लिया जाएगा। वहीं, कांस्टेबल अजय की संलिप्तता के शक के आधार पर भी पूछताछ की गई थी।