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केंद्र में अतिरिक्त सचिव पद के लिए अयोग्य हैं खेमका:केंद्र

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चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की याचिका पर जवाब दायर करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि केंद्र में अतिरिक्त सचिव पद के लिए आवश्यक योग्यता मानकों को खेमका पूरे नहीं करते हैं। इसीलिए उनके नाम पर गौर नहीं किया गया था। केंद्र के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।
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केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अवर सचिव सुबंधु बसु ने उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर बताया कि भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव पद के लिए केंद्र में डेपुटेशन पर डिप्टी सचिव के तौर पर 3 वर्ष का अनुभव अनिवार्य है। 2016 में केंद्र ने यह तय किया था कि यदि किसी के पास एक वर्ष से कम का अनुभव है तो भी उसके नाम पर गौर किया जाएगा। हालांकि शर्त यह थी कि अनुभव केंद्र में रहने का होना चाहिए। याचिकाकर्ता अशोक खेमका के पास केंद्र में इस पद पर काम करने का अनुभव नहीं था, इसलिए वह योग्यता पूरी नहीं करते थे। इसके चलते उनके नाम पर गौर नहीं किया गया है।
कोई भी इन पदों पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि कैट ने अशोक खेमका की याचिका में इन सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद ही उनका दावा खारिज किया था। कैट ने अपने फैसले में साफ कर दिया था कि केंद्र का कैडर एक्स कैडर होता है, जिसमें नियुक्ति का दावा नहीं किया जा सकता। चाहे इन पदों के लिए आईएएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है, लेकिन कोई भी इन पदों पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता।
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कैट के फैसले को खेमका ने दी है चुनौती
अशोक खेमका ने कैट द्वारा सुनाए 22 जुलाई को उस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसके तहत कैट ने खेमका को केंद्र में अतिरिक्त सचिव के पद पर नियुक्ति से इनकार कर दिया था। इसी फैसले को खेमका ने अब चुनौती दी है, जिस पर उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार अपना जवाब दायर कर दिया है।
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