चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एनएसए के तहत हिरासत अवधि बढ़ाने के खिलाफ खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की याचिका पर सुनवाई 31 जुलाई तक स्थगित कर दी है। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने याचिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमृतपाल की याचिका में उसके घर का पता व माता-पिता के नाम सही नहीं है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू व जस्टिस अनिल खेत्रपाल पर आधारित बेंच ने अमृतपाल के वकील को याचिका में इस तकनीकी गलती को ठीक करने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 31 जुलाई तक स्थगित कर दी।
अमृतपाल के अनुसार उनके खिलाफ सभी कार्रवाई असांविधानिक, कानून के खिलाफ और राजनीतिक असहमति के कारण दुर्भावनापूर्ण हैं और उन आधारों पर नहीं हैं जिनके आधार पर निवारक हिरासत का आदेश दिया जा सकता है। इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।
अपनी याचिका में अमृतपाल ने कहा है कि न केवल एक साल से अधिक समय तक निवारक हिरासत अधिनियम को लागू करके, बल्कि उसे पंजाब से दूर हिरासत में रखकर असामान्य और क्रूर तरीके से उनका जीवन और स्वतंत्रता पूरी तरह से छीन ली गई है। अमृतपाल सिंह ने कहा कि उसे गृह राज्य, घर से दूर और उनके दोस्तों और रिश्तेदारों से दूर रखना अनुचित रूप से कठोर और प्रतिशोधात्मक है क्योंकि उनके घर और उनकी हिरासत के राज्य के बीच की दूरी लगभग 2600 किमी है। सड़क मार्ग से ट्रेन या कार से यात्रा करने में लगभग चार दिन लगते हैं। इसमें परिवार को उनसे मिलने के लिए यात्रा करने पर भी भारी खर्च करना पड़ता है।