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पंचकूला: कालका-शिमला रेलमार्ग पर होगी शताब्दी जैसी अनुभूति

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संवाद न्यूज एजेंसी कालका। वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल कालका-शिमला रेलमार्ग पर सफर करने वाले सैलानियों के लिए रेलवे ने अब ट्रेन सेट (सेल्फ प्रोपेल्ट हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट) चलाने का फैसला किया है। तीन कोच वाला एक ट्रेन सेट कालका पहुंच गया है। इसको फिलहाल सीनियर सेक्शन इंजीनियर कैरिज एवं वैगन कार्यालय के सामने खड़ा किया गया है। इस ट्रेन सेट में बैठ सैलानियों को शताब्दी में सफर करने जैसी अनुभूति होगी। 14 फरवरी से इसका ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। तीन कोच वाले इस सेट में एक बार में करीब 61 सैलानी सफर का आनंद ले सकेंगे। सफर के दौरान सैलानी एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में प्रवेश कर सकेंगे। रेलवे के अनुसार तीन कोच वाले ट्रेन सेट के लिए सोमवार को आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन) की टीम लखनऊ से कालका पहुंचेगी और मंगलवार से ट्रेन सेट का ट्रायल शुरू होगा। आरडीएसओ की टीम ट्रायल के लिए शुरूआत में अपने इंस्ट्रूमेंट और पैरामीटर लगाएगी, इसके बाद करीब 15 दिन तक ट्रायल किया जाएगा।
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सीट के साथ लगा है पैनिक स्विच
इस ट्रेन सेट में सफर करने पर सैलानियों को एक अलग ही अनुभूति होगी। ट्रेन सेट शानदार सीटों के साथ-साथ, एसी की सुविधा, हीटर, वाशरूम, एलईडी व डिस्प्ले बोर्ड सहित अन्य सुविधाओं से लैस है। कोच में सैलानियों की सीट के साथ ही पैनिक स्विच लगा हुआ है। कोई भी परेशानी होने पर सैलानी पैनिक स्विच का इस्तेमाल कर सकते हैं। इतना ही नहीं सभी कोचों में कैमरे लगे हैं। ड्राइवर केबिन पर लगी एलईडी स्क्रीन तीनों कोचों में हो रही प्रत्येक गतिविधि पर नजर बनाए रखेगी। सभी सीटों में पास चार्जिंग की सुविधा भी मिलेगी। इमरजेंसी होने पर ड्राइवर केबिन के पास इमरजेंसी डोर भी बनाया गया है। सैलानी कौन से स्टेशन पर पहुंच गए हैं, आगे कौन सा स्टेशन आने वाला है। इस बाबत कोच में दो स्क्रीन भी लगाई गई हैं। ट्रेन सेट की प्रत्येक सीट के पीछे टेबलनूमा-ट्रे लगी है, ताकि सैलानी यात्रा के दौरान आराम से उक्त ट्रे पर भोजन इत्यादि खाद्य सामग्री रखकर उसका आनंद ले सकेंगे।

एक बार में 61 सैलानी ले सकेंगे सफर का आनंद
बता दें कि रेल मंत्रालय ने कालका-शिमला हैरिटेज रेलवे ट्रैक पर रे ट्रेन सेट (सेल्फ प्रोपेल्ट हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट) चलाने का फैसला लिया है। देश में पहली बार नैरोगेज ट्रैक पर ट्रेन सेट चलाने की तैयारी है। इनटीग्रल कोच फैक्टरी चेन्नई (आईसीएफ) में तीन कोच वाला ट्रेन सेट तैयार किया है। सामान्य गाड़ियां जहां कालका से शिमला पहुंचने में पांच घंटे लगाती हैं और रेल मोटरकार साढ़े चार घंटे में शिमला पहुंचती है। वहीं, नए ट्रेन सेट इनसे कम समय में शिमला पहुंचेंगे। इस गाड़ी को इंजन रहित ट्रेन भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें कोच को खींचने के लिए इंजन नहीं लगता। कोच के अंदर ही इंजन होता है। ट्रेन सेट में कुल तीन कोच लगे हुए हैं जिसमें दो कोच ड्राइवर सीट वाले हैं जिनमें 19-19 पैजेंजर तथा मध्य वाले कोच में 23 सैलानी बैठ सकेंगे।
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