चंडीगढ़। बहिबल कलां गोलीकांड मामले में निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल की अग्रिम जमानत याचिका पर अब जस्टिस राज मोहन सिंह सुनवाई करेंगे। दो जजों द्वारा इस याचिका पर सुनवाई से इनकार करने के बाद अब मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें सुनवाई की जिम्मेदारी दी है। शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई होगी।
मंगलवार को जस्टिस एचएस सिद्धू ने याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया था। बुधवार को जस्टिस दीपक सिब्बल ने भी सुनवाई से मना करते हुए याचिका नई बेंच को सौंपने के लिए इसे मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया था। बहिबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने गत वर्ष उमरानंगल को नामजद किया था। 15 जनवरी 2021 को उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। इसके बाद उमरानंगल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत की शरण ली थी। जिला अदालत से राहत न मिलने पर याची ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की गुहार लगाई थी। इससे पहले उमरानंगल ने एफआईआर और जांच रिपोर्ट रद्द करने और जांच से आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह को अलग करने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। याचिका में उमरानंगल ने कहा कि राजनीतिक रंजिश के तहत उन्हें फंसाया गया है। इस मामले की जांच को प्रभावित किया जा रहा है। इसीलिए जांच सही दिशा में नहीं जा रही है।