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हरियाणा : नियमों के खिलाफ जाकर झज्जर नप ने चलाया बूचड़खाना, एक करोड़ 82 लाख का जुर्माना

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चंडीगढ़। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाईकोर्ट को बताया कि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर झज्जर नगर परिषद के सचिव पर एक करोड़ 82 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही इस राशि को भरने के लिए उन्हें 15 दिन की मोहलत दी गई है। इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
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इस मामले में आरोपी जावेद ने बताया था कि उसके खिलाफ 9 जून 2020 को हरियाणा गोवंश संरक्षण तथा गोसंवर्धन कानून के तहत मामला दर्ज किया था। उस पर बीफ के व्यापार में शामिल होने का आरोप है। याचिकाकर्ता ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए जमानत देने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने हरियाणा के स्थानीय निकाय विभाग को आदेश दिया था कि वह बताएं कि राज्य में कितने बूचड़खाने हैं और उनको इजाजत देने के क्या नियम कायदे हैं।
इसके जवाब में बताया गया था कि राज्य में तीन बूचड़खाने हैं। नगर निगम और नगर परिषद चला रही है। इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा था कि राज्य में चल रहे बूचड़खानों के लिए क्या बोर्ड से पर्यावरण की एनओसी लेना जरूरी है या नहीं। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि झज्जर नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे बूचड़खाने से पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण की तय मात्रा से अधिक प्रदूषण हुआ। ऐसे में यह पाया गया कि बूचड़खाने को नियमों के खिलाफ जाकर चलाया जा रहा था। इससे पर्यावरण पर कितना बुरा प्रभाव पड़ा इसका अनुमान लगाने के लिए असेसमेंट कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अपनी सिफारिश भेजी और इसके बाद झज्जर नगर परिषद पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 1 करोड़ 82 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस राशि को जमा करवाने के लिए बोर्ड ने परिषद को 15 दिन की मोहलत दी है।
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