पंचकूला। हरियाणा के वन एवं वन्य जीव विभाग मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं के चलते यह जरूरी हो गया है कि वन, पर्यावरण एवं वन्य प्राणी सुरक्षा के तंत्र को बढ़ाया जाए। वे सोमवार को वानिकी प्रशिक्षण संस्थान पिंजौर में उप वन राजिक अधिकारी एवं वन खंड अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 40 उपवन राजिक और 112 वन दरोगा मिलने से विभाग और सुदृढ़ होगा। कर्मचारियों के आने से बड़े स्तर पर वानिकी कार्य में विभाग की पकड़ मजबूत होगी और विभाग उन्नत होगा।
उन्होंने कहा कि 40 उप वन राजिक के लिए प्रशिक्षण कोर्स सितंबर 2019 से सितंबर 2020 तक सफलता पूर्वक आयोजित किया गया। वर्तमान में वन दरोगा प्रशिक्षण कोर्स 11 अक्तूबर से शुरू किया गया है। कंवरपाल ने कहा कि पिंजौर वन प्रशिक्षण संस्थान में नौ विषयों जैसे पर्यावरण, प्रदूषण, वन प्रबंधन, वन संरक्षण एवं सुरक्षा, वन्य प्राणियों का संरक्षण प्रबंधन एवं सुरक्षा, नर्सरी तकनीक, वैज्ञानिक तरीके से वृक्षों की कटाई, वन कानूनों एवं अन्य कानूनों की जानकारी दी जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन विषयों में प्रशिक्षणार्थी दक्ष होकर वन क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। नए कर्मचारियों को इस प्रशिक्षण संस्थान में जीआईएस/डीजीपीएस फ्यूचर टेक्नोलॉजी, ग्रुप डिस्कशन, माडर्न तकनीकों और फील्ड विजिट के माध्यम से वानिकी तथा अन्य कार्यों के लिए पूर्ण रूप से निपुण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नए भर्ती कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि विभाग के जिस भी विंग में उनकी ड्यूटी लगे उस काम को पूरी पारदर्शिता व लग्न से करने में अपनी भूमिका निभाएं। इस अवसर पर कंवरपाल ने पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डालकर कहा कि पेड़ हमें ऑक्सीजन देते हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ों के बिना जीवन के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण भी करना चाहिए। इससे पूर्व उन्होंने वानिकी प्रशिक्षण संस्थान में पौधरोपण भी किया। इस मौके पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वीएस तंवर ने कहा कि नए 40 उप वन राजिक व 112 वन दरोगा आने से विभाग और अधिक सशक्त होगा।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि वे फील्ड में जाकर अपने कर्तव्य का बेहतर तरीके से निर्वहन करेंगे जिससे प्रदेश में वानिकी क्षेत्र का और अधिक विकास होगा। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) जगदीश चंद्र, मुख्य वन संरक्षक जी रमन, वन संरक्षक कुमारी निवेदिता, वन मंडल अधिकारी पवन शर्मा, अजय पाल, राघव, सुभाष यादव तथा विभाग के अधिकारी व प्रशिक्षक प्राप्त उप वन राजिक तथा प्रशिक्षणार्थी वन दरोगा उपस्थित थे।