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हादसे रोकने के लिए आईआरएडी प्रोजेक्ट शुरू, पंजाब में रोज सड़क हादसों में मरते हैं 12 लोग

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चंडीगढ़। परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पंजाब में रोज 12 लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं। पंजाब में सड़क हादसे और मृत्यु दर घटाने के उद्देश्य से पंजाब के परिवहन मंत्री भुल्लर ने राज्य में एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस (आईआरएडी) प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इससे पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां सड़क हादसों को घटाने, सड़कों की बनावट में सुधार करने और ज्यादा हादसे वाले स्थानों (ब्लैक स्पॉट) की शिनाख्त करने के लिए जीआईएस आधारित प्रौद्योगिकी से लैस आईआरएडी शुरू किया गया है। इसके अलावा स्कूलों के आगे वाहनों की स्पीड 25 किमी प्रति घंटा तय करने की बात कही गई है।
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पंजाब भवन में करवाए गए संक्षिप्त समारोह में परिवहन मंत्री भुल्लर ने राज्य के लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर), नेशनल हाईवे, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और पंजाब मंडी बोर्ड से संबंधित अंतर-विभागीय मोबाइल एप्लीकेशन आधारित प्रोजेक्ट की शुरुआत करने के बाद कहा कि राज्य में प्रतिदिन 10 से 12 मौतें हो रही हैं, जो देश में प्रतिदिन हो रही 8 से 9 मौतों से अधिक है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में जा रही एक-एक मौत दुखदायी है।
भुल्लर ने बताया कि सात प्रमुख राज्यों पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आईआरएडी प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है, लेकिन पंजाब इस प्रोजेक्ट में एडवांस प्रौद्योगिकी बरतने वाला पहला राज्य बन गया है, जहां आईआरएडी को पुलिस स्टेशन की सीमाओं के साथ जीआईएस मैप के जरिये जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद राज्यों और देश के हर हिस्से से दुर्घटना डाटाबेस तैयार करने के लिए इंटिग्रेटिड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आईआरएडी) तैयार करना है। इस प्रोजेक्ट के तहत डाटा विश्लेषण तकनीकों को लागू करके देशभर में सड़क हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण करके अलग-अलग किस्मों के सुझाव दिए जाएंगे।
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परिवहन मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य के विद्यार्थियों की सुरक्षा को यकीनी बनाते हुए पहली बार सभी वाहनों के लिए स्कूलों के नजदीक स्पीड की उच्च सीमा निर्धारित की है। सभी वाहन स्कूलों के नजदीक स्पीड सीमा 25 किलोमीटर प्रति घंटा रखेंगे। इस संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को भी हिदायत दी कि वह यातायात कंट्रोल करते समय यकीनी बनाएं कि ड्राइवर स्कूलों के नजदीक सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने लोगों से भी विशेष तौर पर अपील की कि विदेशों में स्कूल बसों को पहल दी जाती है और अगर हम चाहते हैं कि विदेशों की बराबरी करें तो हमें भी अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी और विद्यार्थियों के सड़क पार करते या स्कूल बसों के आने-जाने के समय निर्धारित गति के मुताबिक वाहन चलाएं या रोक लें।
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