‘ग्लोबल फ्रेमवर्क इन द लोकल कॉन्टेक्स्ट: चैलेंजिस एंड द वे फॉरवर्ड’ और ‘मेयर फोरम ऑन क्लाइमेट चेंज’ थीम पर वीरवार को चंडीगढ़ में दूसरे क्लाइमेट मीट और इंटरनेशनल कांफ्रेंस की शुरुआत की गई। इस कांफ्रेंस में देश-विदेश से कई नामी प्रोफेसर, स्कॉलर, पॉलिसी मेकर और सरकारी अफसर पहुंचे हैं।
जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करने के लिए विदेशी डेलिगेट्स में रूस, कोरिया और नेपाल से प्रतिनिधि चंडीगढ़ में एकत्रित हुए हैं। सेक्टर-19 स्थित सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (क्रिड) में शुरू हुए इस तीन दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस की शुरुआत क्रिड के एक्टिंग डायरेक्टर सुनील बंसल के स्वागत भाषण के साथ हुई।
उन्होंने पर्यावरण के प्रति लोगों की जिम्मेदारियां और समस्याओं से जुड़ी बातों को साझा किया। इसके बाद कांफ्रेंस को-ऑर्डिनेटर डॉ. मनोज कुमार ने विस्तृत रूप से कांफ्रेंस की जानकारी दी। उन्होंने तीन दिवसीय कांफ्रेंस, जिसमें 20 सेशन होने हैं, उसके बारे में उपस्थित सभी लोगों को बताया।
क्रिड के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन रशपाल मल्होत्रा ने कांफ्रेंस के महत्व के बारे में बातचीत की। रिटायर्ड आईएएस और नई दिल्ली स्थित सीएसएआर के चेयरमैन डॉ. हरजीत सिंह आनंद ने ‘ग्लोबल फ्रेमवर्क इन लोकल कॉन्टेक्स्ट’ के चार पिल्लर जिनमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट, एनवायरनमेंट कंजर्वेशन, ग्लोबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज पर चर्चा की।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर यूएन डाक्यूमेंट्स के बारे में भी लोगों को जानकारी दी। कांफ्रेंस में शुक्रवार को जलवायु परिवर्तन पर मेयर फोरम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न शहरों के मेयर जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करने के लिए चंडीगढ़ पहुंचेंगे।