कालका में कूड़े, टूटी सड़कें और अंधेरे से लोग परेशान, अधिकारी निरीक्षण को बता रहे औपचारिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। नगर परिषद अधिकारियों के सुबह-सुबह किए जा रहे निरीक्षणों पर शहरवासियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि ये निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता और फोटो सेशन बनकर रह गए हैं, जबकि जमीनी हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा।
कूड़े के ढेर, सफाई व्यवस्था ठप
पार्षद गोल्डी वाल्मीकि, दर्शन कुमार, रवि चौधरी सहित स्थानीय निवासी सुनील और काका ने बताया कि शहर के अधिकांश इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कई जगह बंद है, लेकिन निरीक्षणों में यह समस्या नजर नहीं आती।
नालों पर टूटी स्लैबें और बंद पड़े नाले भी खतरा बने हुए हैं। बरसात से पहले सफाई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है।
रेलवे रोड पर टूटी सड़कें
रेलवे रोड पर पेवर ब्लॉक लगाकर विकास के दावे तो किए गए, लेकिन सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। लोगों के अनुसार यहां सफर करना मुश्किल हो गया है।
अंधेरे में डूबे रास्ते
स्ट्रीट लाइटें लगाने के दावों के बावजूद शहर के कई हिस्से शाम होते ही अंधेरे में डूब जाते हैं। हिमाचल की ओर से आने वाले मार्ग पर भी रात में घुप अंधेरा रहता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारी बोले- कार्रवाई जारी
कार्यकारी अधिकारी अभय सिंह ने कहा कि निरीक्षण के दौरान समस्याओं को नोट किया जाता है और कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया जाता है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।