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हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए बेअदबी मामलों की जांच : शिअद

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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने बेअदबी के मामलों की जांच उच्चन्यायालय के किसी मौजूदा जज की निगरानी में कराने की मांग की है। इसके साथ ही पार्टी ने बेअदबी के मामलों में पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ 2 जनवरी को अमृतसर में श्री दरबार साहिब परिसर स्थित मंजी साहिब में पंथक रोष इकट्ठ के आयोजन का एलान किया है।
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पार्टी की कोर कमेटी की वीरवार को हुई बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल ने की। बैठक में अन्य वरिष्ठ सदस्यों के अलावा पार्टी के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने भी हिस्सा लिया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि सिखों और पंजाबियों को कांग्रेस सरकार और उसके गृहमंत्री पर विश्वास नहीं है। उन्हें यकीन है कि कांग्रेस सरकार बेअदबी के जघन्य मामलों में संलिप्त लोगों को बचाने पर आमादा है और इसके पीछे की साजिश को उजागर करने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने सरकार द्वारा दिए गए निम्नस्तरीय जांच के आदेश को भी खारिज करते हुए उच्चस्तरीय जांच की निगरानी हाईकोर्ट द्वारा किए जाने की मांग की।
सुखबीर ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे मामलों के पीछे की साजिशों को उजागर करने में विफल रही है। इस तथ्य के बावजूद कि एसजीपीसी ने पवित्र गुटका साहिब को सरोवर में फेंकने के जिम्मेदार व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया था। अगर इस मामले की ठीक से जांच की जाती तो श्री हरमंदिर साहिब में 18 दिसंबर के बाद की भयावह घटना टल जाती। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वादा किया था कि 15 दिसंबर की बेअदबी के बाद 48 घंटे में पूरी साजिश को बेनकाब किया जाएगा, लेकिन अब तक कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। लुधियाना में बम विस्फोट भी राज्य की शांति भंग करने के लिए रची जा रही साजिशों का नतीजा है। हमने पहले कहा था कि सांप्रदायिक घटनाओं से लोगों को भड़काया जाएगा।
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