संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। विधानसभा हलका लुधियाना पश्चिम में 19 जून को हो जा रहे उपचुनाव के लिए प्रचार मंगलवार की शाम छह बजे थम गया। इस चुनाव को जीतने के लिए जहां राजनीतिक दलों ने जमकर हर प्लेटफार्म पर अपने लिए प्रचार किया, वहीं इस बार पंजाब की आर्थिक राजधानी के औद्योगिक घराने एवं संगठन भी अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के लिए प्रचार के साथ माहौल बनाने में पीछे नहीं रहे।
उद्योगपतियों ने अपनी इकाइयों में एवं घरों में सभाएं की और यहां तक की सोशल मीडिया पर भी प्रचार को आगे बढ़ाया। साफ है कि इस बार प्रचार में लोगों ने नया अनुभव किया। आप विधायक गुरप्रीत गोगी के निधन के बाद इस सीट पर 19 जून को उपचुनाव कराया जा रहा है। लुधियाना पश्चिम हलके में शहर का अधिकतर पाश इलाका आता है। शहर के प्रमुख उद्योगपति एवं कारोबारी इसी इलाके के निवासी हैं। आप की तरफ से राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा चुनाव लड़ रहे हैं। वे खुद भी बड़े उद्योगपति हैं और उनकी औद्योगिक घरानों में अच्छी पकड़ है। साथ ही अरोड़ा ने राज्य की आप सरकार से उद्योग जगत की कई पुरानी समस्याओं का समाधान कराया है, नतीजतन उद्योगपतियों का उनको साथ मिल रहा है।
इसके अलावा भाजपा की भी उद्योग जगत में अच्छी पैठ है और उनके उम्मीदवार जीवन गुप्ता खुद एक कारोबारी हैं। उधर, कांग्रेस के उम्मीदवार भारत भूषण आशु का यह इलाका गढ़ है और वे दो बार यहां से जीतकर विधायक एवं मंत्री रह चुके हैं। उनकी भी औद्योगिक गलियारों में अच्छी पैठ है। शिअद के प्रधान सुखबीर बादल का भी लुधियाना के उद्योग जगत में अच्छा आधार है और उन्होंने भी पार्टी उम्मीदवार परउपकार सिंह घुम्मण के लिए मजबूती से प्रचार किया है। सभी दलों के नेताओं ने औद्योगिक घरानों एवं संगठनों के उद्योगपतियों से बाकायदा मुलाकातें करके उनको इस चुनाव में अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के दिग्गज ओसवाल ग्रुप के एमडी कमल ओसवाल एवं उनके परिवार के सदस्यों के अलावा ट्राइडेंट ग्रुप के राजिंदर गुप्ता ने भी चुनावों में खुलकर राजनीतिक दलों के साथ करीबियां रखीं और उनके लिए बैठकों का आयोजन कराया। यही सिलसिला फूड इंडस्ट्रीज की दिग्गज कंपनी क्रीमिका ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के एमडी अनूप बैक्टर की ओर से भी जारी रखा गया। इसके अलावा कई उद्योगपतियों ने अपने नेताओं के साथ डोर टू डोर प्रचार भी किया और लोगाें को मतदान के लिए प्रेरित किया।
एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्योगपति बदीश जिंदल ने तो प्रचार के दौरान आप का झाड़ू तक थाम लिया। उनका कहना है कि आप सरकार ने पंजाब उद्योग क्रांति में रियायतें देकर और 45 दिन में सभी क्लीयरेंस देने समेत कई तरह की उद्योगों को सुविधाएं देकर सूबे में औद्योगिकीकरण का रास्ता साफ कर दिया है। साफ है कि इससे सूबे की अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी और पंजाब फिर से तेजी से आगे बढ़ेगा। औद्योगिक संगठनों ने भी चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों के हक में सभाओं का आयोजन करके माहौल बनाया। साफ है कि इन कोशिशों के साथ यह मुकाबला काफी दिलचस्प रहेगा।