चंडीगढ़। निजी स्कूलों में तय संख्या से अधिक छात्रों के दाखिले की स्थिति में प्रति छात्र फीस 1000 से 5000 रुपये करने के पंजाब सरकार के फैसले को रिकग्नाइज्ड एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब के गृह सचिव, शिक्षा सचिव व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
एसोसिएशन के वकील दिलप्रीत सिंह गांधी ने हाईकोर्ट को बताया कि पहले तय संख्या से अधिक दाखिले की स्थिति में सरकार प्रति छात्र 1000 रुपये वसूलती थी। यदि छात्रों की संख्या ज्यादा होती थी तो एक सेक्शन अलग से स्कूल ले लेता था जिसके लिए 10000 हजार रुपये फीस थे। शिक्षा बोर्ड ने अब 25 मई को आदेश जारी कर फीस को पांच गुना बढ़ा दिया है और इसे पिछले सत्र से लागू किया है। स्कूलों ने कहा कि अगर यह फीस बढ़ानी थी तो स्कूलों को इस बारे में पहले जानकारी दी जानी चाहिए थी जो नहीं किया गया। अब अचानक मई में यह निर्णय लेकर स्कूलों पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया गया है।
स्कूलों ने कहा कि पिछला सत्र खत्म हो चुका है और कई छात्र स्कूल भी छोड़ चुके हैं तो कैसे इस प्रकार इस आदेश को पुरानी तारीख से लागू किया जा सकता है। ऐसे में स्कूलों ने इस आदेश को खारिज करने की अपील की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।