पांच दिन पंचकूला में ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत समझेंगे 15 विद्यार्थी
सीएमओ कार्यालय में आहार और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली भी जानी
महिला रोजगार, समान वेतन, बाल श्रम, स्कूल ड्रॉपआउट और पीएम पोषण योजना समेत सामाजिक मुद्दों पर फील्ड रिसर्च करेंगे विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। आईआईएम रोहतक के 15 विद्यार्थियों का दल पांच दिन के फील्ड रिसर्च के लिए पंचकूला पहुंचा है। मंगलवार को विद्यार्थियों ने रेडक्रॉस भवन का दौरा कर बुजुर्गों से बातचीत की और उनके जीवन के अनुभव, दिनचर्या व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जाना। इसके बाद दल ने सीएमओ कार्यालय में आहार की आदतों, सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण अभियान और आयुष विभाग की भूमिका समेत स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को समझा।
विद्यार्थी ग्रामीण विकास और जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रबंधन की पढ़ाई को जमीनी परिस्थितियों से जोड़ना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को करीब से समझना है।
बुजुर्गों से जाना योजनाओं का लाभ मिल रहा या नहीं
रेडक्रॉस भवन में अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि निराश्रित, बेसहारा और जरूरतमंद बुजुर्गों को आश्रय, भोजन, दवाइयों के साथ भावनात्मक सहारा उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यार्थियों ने बुजुर्गों से उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य समस्याओं और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने को लेकर बातचीत की। बुजुर्गों ने भी अपने जीवन के अनुभव साझा किए। इस दौरान उपायुक्त कार्यालय की ओर से नोडल ऑफिसर विशाल पराशर के प्रतिनिधि के तौर पर गोपाल सिंह, श्रेया और ट्रेनिंग ऑफिसर ईशान और सीमा मौजूद रहे।
सीएमओ कार्यालय में समझी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली
रेडक्रॉस भवन के दौरे के बाद विद्यार्थियों ने दूसरे सत्र में सीएमओ कार्यालय का दौरा किया। यहां उन्हें न्यूट्रीशन, हेल्थ और हेल्थकेयर चॉइसेज विषय पर जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने लोगों की आहार संबंधी आदतों, सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं के बीच चुनाव, स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च, पोषण अभियान और आयुष विभाग की भूमिका के बारे में जानकारी ली। उन्हें यह भी बताया गया कि घरेलू नुस्खे आज भी कई लोगों की स्वास्थ्य संबंधी आदतों का हिस्सा हैं। विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा।
इन सामाजिक मुद्दों पर भी करेंगे फील्ड रिसर्च
पांच दिवसीय अध्ययन के दौरान विद्यार्थी महिला रोजगार, समान वेतन, महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता और घरेलू फैसलों में उनकी भागीदारी जैसे विषयों पर जानकारी जुटाएंगे। इसके अलावा महिला हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली, बाल श्रम, स्कूल ड्रॉपआउट के कारण और पीएम पोषण योजना के लाभार्थियों से भी संवाद करेंगे।
विद्यार्थी गांवों और शहरों के लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर यह समझने का प्रयास करेंगे कि सरकारी योजनाओं का असर धरातल पर किस तरह दिखाई दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के एक्सपोजर विजिट से विद्यार्थियों को नीति बनाने और उसके क्रियान्वयन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी।