अलग-अलग मार्केट एसोसिएशन की ओर से खरीदारों के लिए जारी किए जा रहे हैं कूपन
लॉटरी सिस्टम आयोजित करने पर कानून में है दो साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर में अलग-अलग मार्केट एसोसिएशंस और दुकानदारों की ओर से शॉपिंग फेस्टिवल के नाम पर खरीदारों के लिए लॉटरी सिस्टम लाने को अवैध बताते हुए इसे बंद कराने की मांग वाली जनहित याचिका का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के डीजीपी को याची के मांगपत्र पर विचार करने और यदि याची सही है तो ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया है।
एडवोकेट रितेश अग्रवाल ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट को बताया कि त्योहारों के सीजन में चंडीगढ़ के बाजारों में शॉपिंग फेस्टिवल के नाम पर कूपन जारी कर लॉटरी सिस्टम शुरू कर दिया है। लुभावने ऑफर दिए जाते हैं और तय राशि की खरीदारी पर कूपन जारी दिए जा रहे हैं। इन कूपन पर ग्राहर अपनी जानकारी दर्ज कर इन्हें एक बॉक्स में डालते हैं। उन्हें बताया जाता है कि लक्की ड्रॉ में जिसका कूपन निकलेगा उसे कई इनाम दिए जाएंगे।
विजेताओं के लिए अलग-अलग श्रेणियां भी रखी गई हैं। महंगी कारों से लेकर टीवी, फ्रीज, मोबाइल फोन आदि आकर्षक इनाम रखे गए हैं। ज्यादा खरीदारी करने पर ज्यादा कूपन और ज्यादा कूपन से इनाम जीतने के उतने ही ज्यादा चांस होंगे ऐसा सोच कर लोग ज्यादा खरीदारी कर रहे है।
याचिका में दावा किया गया कि यह प्राइवेट लॉटरी सिस्टम है, जिसे कानूनन अवैध ठहराया जाना चाहिए। याचिका में कहा गया कि यह सिस्टम लॉटरीज (रेगुलेशन) एक्ट 1998 की अनदेखी है। इस कानून का एकमात्र उद्देश्य लॉटरी सिस्टम को रेगुलेट, कंट्रोल व बैन करना है। चंडीगढ़ प्रशासन को इस एक्ट के अधीन उपभोक्ता अथवा खरीदारों में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया गया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। यह व्यवस्था कानून की अनदेखी है, लिहाजा कार्रवाई कर इसे बंद कराया जाए।