पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने बुधवार को सेक्टर-14 में बड़ी कार्रवाई की। सरेंडर करने के बावजूद किराएदार रखने के मामले में सुर्खियों में आए एससीओ नंबर-267 को सील कर दिया। हालांकि इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों, शोरूम मालिकों और किराएदारों के बीच जमकर कहासुनी हुई। किराएदार कोर्ट के आदेश दिखाने की मांग पर अड़े रहे। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने शोरूम को सील कर दिया। बता दें कि इससे पहले भी एचएसवीपी ने इस शोरूम को सील करने की कोशिश की थी।
इस शोरूम को सरेंडर करते हुए मालिक ने एक एफिडेविट हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को दिया था। इसमें स्पष्ट लिखा था कि प्राधिकरण निर्माण की खुद वेल्यू करवाकर उन्हें पैसा दें। लेकिन सरेंडर करने के बाद कर्मचारियों ने शोरूम को सील नहीं किया था और एससीओ पर फरवरी 2014 से मालिकों का कब्जा रहा। एससीओ नंबर-267 सुभाष चंद्र, अशोक कुमार एवं अमित कुमार द्वारा वर्ष 2011 में खरीदा गया था। इसकी कीमत 13 करोड़ 79 लाख 25 हजार रुपये थी। 25 प्रतिशत कीमत 3 करोड़ 44 लाख रुपये जमा करवाने के बाद एक बेसमेंट और तीन मंजिला शोरूम बना दिया। निर्माण पर 2 करोड़ रुपये की लागत आई। सेक्टर- 14 की मेन मार्केट सही तरीके से विकसित ना होने से तीनों ने शोरूम को सरेंडर कर दिया था। इस दौरान तीनों की ओर से एक एफिडेविट मुख्य प्रशासक एचएसवीपी को दिया गया कि हम अपना शोरूम सरेंडर कर रहे हैं और निर्माण मूल्य का मूल्यांकन करने के बाद उन्हें पैसा दें।
31 जनवरी 2014 को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट और मुख्य प्रशासक ने संपदा अधिकारी को मामले की जांच के लिए कहा था। प्रार्थियों को एक महीने के अंदर स्ट्रक्चर एवं आसपास की बिल्डिंग को नुकसान पहुंचाए बिना हटाने की हिदायत दे दी थी। इसी बीच 18 फरवरी 2014 को एक चैक 1 करोड़ 86 लाख 65 हजार रुपये का प्रार्थी को शोरूम सरेंडर करने का दे दिया गया था, लेकिन कंस्ट्रक्शन कास्ट अदा नहीं की गई। सुभाष चंद्र, अशोक कुमार एवं अमित ने बकाया एफिडेविट में मूल्य ऐसेस करने को कहा था, जिसके बाद संपदा कार्यालय की ओर से उन्हें आश्वासन दिया कि जब तक मूल्यांकन नहीं हो जाता, तब तक एससीओ का कब्जा नहीं लिया जाएगा। इसके बाद 20 दिसंबर 2016 को प्राधिकरण के कर्मचारी और एससीओ खाली करवाने की कोशिश की, लेकिन लोगों की मध्यस्ता के चलते कर्मचारी बैरंग लौट गए थे। इसके बाद शोरूम मालिकों ने कोर्ट में कंस्ट्रक्शन की पेमेंट किये बिना जबरन कब्जा ना लेने बारे कोर्ट में केस कर दिया था।
मालिक बोले- साजिश के तहत किया शोरूम सील
सभी डाक्यूमेंट कोर्ट में सबमिट करवा रखे हैं और मामला विचाराधीन था। प्राधिकरण के मुताबिक कुछ दिन पूर्व इस मामले में आदेश आ गए थे, जिसके बारे में नोटिस दे दिया था और अब शोरूम को सील कर दिया गया है। इन मालिकों ने आरोप लगाया कि बुधवार को जानबूझ कर्मचारियों ने उनका शोरूम सील किया है। अनुराग ने बताया कि वह बार बार नोटिस दिखाने की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्होंने कोई नोटिस नहीं दिखाया। यहां पर रहने वाले किराएदारों ने बताया कि शोरूम मालिक और प्राधिकरण की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। बुधवार को अचानक टीम आई और शोरूम सील करने लगे। कुछ सामान ही वह बाहर निकाल सके, लेकिन काफी सामान अंदर ही बंद रह गया।
सेक्टर-14 थाना प्रभारी से उलझे जवान
सेक्टर-14 में शोरूम सील करने पहुंची एचएसवीपी की टीम के साथ जब किराएदारों ने कहासुनी की तो किसी ने इसकी सूचना सेक्टर-14 थाने को दे दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नवीन सिविल वर्दी में ही मौके पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने रिजर्व हरियाणा पुलिस के जवानों से कार्रवाई संबंधित कागजात दिखाने को कहे। लेकिन सिविल वर्दी में होने के कारण जवानों ने दिखाने से मना कर दिया। इसी बीच महिला कांस्टेबल ने कोई बात कही तो थाना प्रभारी ने फटकार लगा दी। रिजर्व पुलिस के जवानों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए थाना प्रभारी पर गुस्सा उतारने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच एक व्यक्ति ने बताया कि ये सेक्टर-14 थाने के प्रभारी हैं। इसके बाद मामला शांत हो गया।