पंचकूला। एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के खातों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। पांच दिन की पूछताछ पूरी होने के बाद ईडी ने मुख्य आरोपियों रामनिवास सूरजखेड़ा और सुनील कुमार बंसल को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी ने दोनों की रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।
रामनिवास पहले एचएसवीपी में क्लर्क के पद पर तैनात थे और बाद में राजनीति में आकर विधायक बने। वहीं, सुनील बंसल एचएसवीपी के पूर्व अकाउंट्स ऑफिसर रह चुके हैं। ईडी ने दोनों को 10 जून को गिरफ्तार किया था। अब एजेंसी ने उनके कार्यकाल के दौरान पास की गई फाइलों की डिटेल मांगी है, जिन पर दोनों के हस्ताक्षर पाए गए हैं।
यह घोटाला 7 मार्च 2023 को सामने आया था। एचएसवीपी के चीफ अकाउंट ऑफिसर चमन लाल ने सेक्टर-7 थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक की चंडीगढ़ शाखा में एचएसवीपी के खाते से धोखाधड़ी कर रकम निकाली गई। 2015 से 2019 के बीच बिना किसी वैध कारण के अलग-अलग कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर लगभग 72 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
ईडी की जांच में खुलासा 150 करोड़ से अधिक का हो सकता है घोटाला
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि घोटाला 150 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। एजेंसी ने अब तक कई अहम दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से जुड़े लेन-देन और बैंकिंग गतिविधियों की भी गहराई से जांच की जा रही है।