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Panchkula News: डेढ़ साल में मेडिकल कॉलेज की डीपीआर तैयार नहीं कर पाया एचएसवीपी

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घोषणा के एक दशक बाद रखी गई थी आधारशिला, सेक्टर-32 में 30 एकड़ भूमि पर 800 करोड़ से बनाया जाना है मेडिकल कॉलेज
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-32 में बनने वाले डॉ. मंगल सेन मेडिकल कॉलेज की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) डेढ़ साल बाद भी तैयार नहीं हो पाई है। जनवरी 2024 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आधारशिला रखी थी। 30.40 एकड़ भूमि पर 800 करोड़ से महज 30 माह में मेडिकल कॉलेज तैयार किया जाना था। साल 2014 में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की गई थी। एक दशक बाद भी प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट जीरो है। अभी प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइल अधिकारियों के टेबल पर कागजों में दौड़ लगा रही है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए 100 एमबीबीएस सीटें तय की गई हैं। यह तीन पॉकेट में तैयार किया जाएगा। पहला पॉकेट 2.40 एकड़, दूसरा पॉकेट 14 एकड़, तीसरा पॉकेट भी 14 एकड़ में तैयार होगा। तीनों पॉकेट में क्या-क्या बनेगा। यह डीपीआर तैयार करते समय तय किया जाएगा।

9 करोड़ में चार माह में होनी थी डीपीआर तैयार
पंचकूला के सेक्टर-32 में मेडिकल कॉलेज की डीपीआर तैयार करने के लिए कंपनी को दिसंबर में कार्य सौंपा गया था। परियोजना की डीपीआर करीब 9 करोड़ रुपये में तैयार होनी है। कंपनी की ओर से इसके अलावा मिट्टी का टेस्ट, आर्किटेक्ट, डीएनआईटी, टेंडर आदि कार्य किए जाएंगे। वहीं कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू होने पर कंपनी प्रतिनिधि समय समय पर निर्माण कार्य की जांच भी करेंगे। कंपनी को यह काम चार महीने में पूरा करना था, जो बीत चुका है।
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इमारत को 650 करोड़ से बनाने की योजना
पंचकूला के सेक्टर 32 में करीब 30 एकड़ जमीन पर इस इमारत को 650 करोड़ की लागत से बनाने की योजना है। इसका अनुमानित कुल खर्च 800 करोड़ के आसपास है। पहले चरण में 500 करोड़ और बाद में 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

जगह के चक्कर में कक्षाएं अधर में अटकीं
पंचकूला में मेडिकल कॉलेज की 100 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले की तैयारी अधर में है। कक्षाएं चलाने की जगह का चुनाव न हो पाने के कारण एडमिशन की प्रकिया इस सत्र से शुरू नहीं हो पाई है। कक्षा शुरू करने के लिए गत वर्ष से प्रशासन, एचएसवीपी और स्वास्थ्य विभाग मिलकर बिल्डिंग तलाश रहे हैं। इस मामले में केंद्रीय मेडिकल टीम, स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने पंचकूला के डीसी के साथ कई स्थानों का दौरा किया। इसके लिए टीम ने सेक्टर-6 मदर चाइल्ड केयर अस्पताल की दूसरी फ्लोर, एचआईआईडीसी की बिल्डिंग, सेक्टर-26 पॉलीटेक्निक कॉलेज की बिल्डिंग का दौरा किया। इसके बाद भी बिल्डिंग फाइनल नहीं हो पाई। इस कारण सौ सीटों पर दाखिले के लिए नए सत्र से परमिशन नहीं मिली।
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कोट
सेक्टर-32 में बनने वाले डॉ. मंगल सेन मेडिकल कॉलेज की डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। -एनके पायल, एक्सईएन एचएसवीपी पंचकूला
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