1624 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती के दौरान उत्तर कुंजी की विसंगतियों को नजरअंदाज करते हुए परीक्षा परिणाम जारी करने पर पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय सख्त हो गया है। अदालत ने जवाब दाखिल ना करने पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को जमकर फटकार लगाई। न्यायालय ने कहा कि अगली सुनवाई तक यदि जवाब नहीं दिया गया तो आयोग के चेयरमैन को तलब कर लिया जाएगा।
याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय को बताया कि आयोग ने जूनियर इंजीनियर के 1624 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद परीक्षा आयोजित की गई और उत्तर कुंजी को आपत्तियों के लिए अपलोड कर दिया गया। उत्तर कुंजी पर कई लोगों ने आपत्तियां दर्ज कीं, लेकिन इन आपत्तियों का निपटारा किए बगैर ही आयोग ने चयन सूची जारी कर दी। आयोग को भर्ती की इतनी जल्दी थी कि अगले ही दिन सभी चयनित उम्मीदवारों को बिना दस्तावेजों की जांच किए ज्वाइनिंग भी करवा दी।
याचिकाकर्ता ने कहा कि नियुक्तियों में ज्वाइनिंग कराने से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच की जाती है जबकि इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। भर्ती की पूरी प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया। सुनवाई के दौरान जब आयोग से जवाब मांगा गया तो कुछ समय दिए जाने की मांग की गई जिस पर न्यायालय ने आयोग को जमकर फटकार लगाई। न्यायालय ने पूछा कि कैसे उत्तर कुंजी की विसंगतियों को दूर किए बगैर भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।