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हरियाणा: प्रदेश के अस्पतालों को मिले 663 डॉक्टर, 299 ने सरकारी नौकरी में नहीं दिखाई रुचि

Wed, 31 Aug 2022 01:06 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रदेश में डॉक्टरों के कुल स्वीकृत पद 3596 हैं। इनमें से 2616 भरे हुए थे और 980 खाली थे। अब 663 डॉक्टरों के ज्वाइनिंग से कुल डॉक्टर 3279 हो गई है, शेष 317 पद अभी भी खाली हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में एक तरफ सरकारी नौकरियां पाने के लिए युवा फर्जीवाड़ा और दूसरों से परीक्षा तक दिलाने से पीछे नहीं हट रहे। वहीं एमबीबीएस डॉक्टर सरकारी नौकरियों में कम रुचि दिखा रहे हैं।

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हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में नियुक्त किए जाने वाले कुल 962 डॉक्टरों मेें से 663 डॉक्टरों ने ही ज्वाइन किया है। शेष 299 डॉक्टरों ने निर्धारित 15 दिनों के बाद भी अपनी ज्वाइनिंग नहीं दी। इनमें से 115 डॉक्टर तो वो हैं, जिन्होंने सरकारी नौकरी के लिए अपनी सहमति ही नहीं दी, जबकि 184 डॉक्टर वो हैं, जिन्हें मनपसंद स्टेशन नहीं मिलने के चलते ज्वाइन नहीं कर रहे हैं।

हरियाणा सरकार ने 12 अगस्त को 847 डॉक्टरों के नियुक्ति आदेश जारी किए थे। इन डॉक्टरों को 15 दिनों में (27 अगस्त तक) जिला, सीएचसी और पीएचसी अस्पतालों में अपनी नियुुक्त देनी थी।
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मनमाफिक स्टेशन नहीं मिलने के चलते डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी गुहार लगाई थी। हालांकि, विज ने साफ कर दिया था कि एक बार उसी स्टेशन पर ज्वाइन करना होगा, जो स्टेशन अलॉट हुआ है, इसके बाद ही समस्या के आधार पर डॉक्टरों के तबादले किए जाएंगे।

इसके बावजूद 184 डॉक्टर अभी भी ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। अब हरियाणा सरकार को इस पर फैसला लेना है कि समय बढ़ाना है या नहीं। गौर हो कि प्रदेश में डॉक्टरों के कुल स्वीकृत पद 3596 हैं। इनमें से 2616 भरे हुए थे और 980 खाली थे। अब 663 डॉक्टरों के ज्वाइनिंग से कुल डॉक्टर 3279 हो गई है, शेष 317 पद अभी भी खाली हैं।

करनाल में सबसे अधिक और नूंह में सबसे कम ने किया ज्वाइन
करनाल जिले में सबसे अधिक 77 डॉक्टरों ने अपनी ज्वाइनिंग दी है, जबकि नूंह में सबसे कम 13 डॉक्टरों ने ही नियुक्ति दी है। हालांकि, पंचकूला में 7 और रोहतक में 6 डॉक्टरों ने ज्वाइन किया है, क्योंकि यहां पहले से भी अधिकतर पद भरे हुए हैं।

 

इसके अलावा, जींद 42, कुरुक्षेत्र 41, यमुनानगर 40, झज्जर 38, अंबाला 24, भिवानी 52, चरखी दादरी 29, फतेहाबाद 48, फरीदाबाद 16, गुरुग्राम 22, हिसार 35, कैथल 26 नारनौल 31, नूंह 13, पलवल 15, पंचकूला 7, पानीपत 21, रेवाड़ी 15, रोहतक 6, सिरसा 30, सोनीपत में 35 डॉक्टरों ने ज्वाइन किया है।

अनुसूचित वर्ग के डॉक्टरों के 290 पदों पर नहीं आए आवेदन
सरकार ने जनवरी में 1252 डॉक्टरों के लिए आवेदन मांगे थे। 10 अप्रैल को पंडित भगवत दयाल स्वास्थ्य विश्वविद्यालय की ओर से लिखित परीक्षा ली गई और 18 को परिणाम जारी कर दिया।
 

साक्षात्कार के बाद 18 जुलाई को अंतिम परिणाम जारी कर 962 की चयन सूची जारी की गई थी। क्योंकि इस भर्ती में अनुसूचित जाती के 526 पद आरक्षित थे लेकिन इसमें 236 डॉक्टर ही पात्र पाए गए, शेष 290 पदों के लिए एससी वर्ग का कोई उम्मीवार नहीं मिला।

विशेषज्ञों का कहना है कि एमबीबीएस के बाद अधिकतर डॉक्टर पोस्ट ग्रेजुएशन की तरफ रुझान रखते हैं। दूसरा, एससी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पीजी में भी आरक्षण होता है, इसलिए वह स्पेशलाइजेशन पर जोर देते हैं।

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