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सम्मान : मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के 90 डॉक्टर 'वट वृक्ष' पुरस्कार से किए सम्मानित

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पंचकूला। हरियाणा मेडिकल काउंसिल के तत्वावधान में रविवार को इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित समारोह में 75 वर्ष से अधिक आयु के 90 डॉक्टरों को ‘वट वृक्ष’ पुरस्कार से सम्मानित किया। सेक्टर-5 में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सम्मान दिया। सम्मान पाने वालों में सबसे अधिक 92 आयु के सिरसा के डॉक्टर आरएस सांगवान शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की मांग को पूरा करने के लिए हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है। हर वर्ष 2500 डॉक्टर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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इसके लिए एमबीबीएस की सीटें बढ़ाकर 1685 की गई हैं जो 2014 में महज 700 थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी के डॉक्टरों को पुरानी पीढ़ी के डॉक्टरों से मानवता की सेवा करने की भावना से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में निजी व सरकारी क्षेत्र दोनों को मिलाकर डॉक्टरों की संख्या लगभग 13-14 हजार है जबकि यूएनओ के मानदंडों के अनुसार 1000 की जनसंख्या पर एक डॉक्टर होना चाहिए। यदि हम हरियाणा की जनसंख्या 2021 में 2.70 करोड़ मानकर चलते हैं तो 27 हजार डॉक्टरों की आवश्यकता है। इस मांग को पूरा करने के लिए हर वर्ष 2500 डॉक्टर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मौके पर हरियाणा मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. आरके अनेजा, सदस्य डॉ. वेद बेनिवाल, स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के महानिदेशक डॉ. वीना सिंह ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
नए वेरिएंट से निपटने को तैयार : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर पर काबू पाने में हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि एक नया वेरिएंट जोकि साउथ अफ्रीका में पाया गया है, उससे निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। जिस प्रकार पहली और दूसरी लहर में कोरोना से लड़ने के जो नियम निर्धारित थे, उन्हीं नियमों की पालना की जाएगी और टेस्टिंग को बढ़ाया जाएगा। लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी महसूस की गई परंतु मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरी तत्परता से कार्य कर इसका समाधान किया।
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अब आदेश हैं कि 50 बेड से अधिक अस्पताल चाहे वह सरकारी हों या निजी, सभी को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पीएसए प्लांट लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि अब तक कोरोना वैक्सीनेशन के मामले में भी हरियाणा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 2.83 करोड़ की वैक्सीन में से 90 प्रतिशत अर्थात 1.84 करोड़ लोगों ने पहली डोज और 49 प्रतिशत लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है। वहीं हरियाणा पहला राज्य है जहां हर जिले के नागरिक अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग के लिए आरटीपीसीआर लैब स्थापित की जा रही हैं। वर्तमान में हमारे पास 18 जिलों में आरटीपीसीआर लैब है। हम 22 जिलों में आरटीपीसीआर लैब स्थापित करेंगे।
बिना व्हीलचेयर और छड़ी थामे लिया पुरस्कार
डॉ. आरके. अनेजा ने कहा कि समारोह में 75 से अधिक आयु के 90 डॉक्टरों को सम्मानित किया गया है। इसमें सिरसा के डॉक्टर आरएस सांगवान सब से अधिक 92 वर्ष के हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की आयु को देखकर काउंसिल की तरफ से व्हीलचेयर और छड़ी का प्रबंध किया गया था, परंतु किसी भी डॉक्टर ने इनका प्रयोग किए बिना स्टेज पर स्वयं जाकर अपना सम्मान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और स्वास्थय मंत्री अनिल विज डॉक्टरों के इस साहस को देख कर गदगद हुए और कहा कि निश्चित ही आप सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इस मौके पर उपायुक्त महावीर कौशिक, पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा, हरियाणा मेडीकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. संदीप छाबड़ा, रोहित शर्मा, डॉ. अनिरूद्ध भारद्वाज व काउंसिल के अन्य सदस्य व डॉक्टर भी उपस्थित रहे।
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