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बगैर बीए किए पीसीएस बनने वाले रमन कोछड़ को रिवर्ट करने के आदेश पर हाईकोर्ट की मोहर

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चंडीगढ़। बीए की डिग्री बगैर पीसीएस बने रमन कुमार कोछड़ को हटाने (रिवर्ट करने) के पंजाब के मुख्य सचिव के 5 अक्तूबर के आदेश पर अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी है। रमन कोछड़ की जगह प्रोमिला शर्मा की दो महीने में इस पद पर नियुक्ति के पंजाब सरकार को आदेश दे दिए हैं। रमन की नियुक्ति की तिथि से प्रोमिला को वरिष्ठता देने का भी हाईकोर्ट ने आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि बिना किए पीसीएस नियुक्त होने की वजह से रमन कोछड़ ने याचिकाकर्ता प्रोमिला शर्मा के प्रमोशन के अवसर को छिना है। 25 आवेदकों की नियुक्ति होनी थी और प्रोमिला शर्मा 26वें स्थान पर थीं, जिस कारण उन्हें यह अवसर नहीं मिला। इस तरह के विवाद के कारण प्रोमिला को मुआवजा मिलना चाहिए। हाईकोर्ट ने प्रोमिला शर्मा को एक लाख रुपये हर्जाने के जारी करने का आदेश दिया है। एक लाख में से 50 हजार पंजाब सरकार और 50 हजार रुपये रमन कोछड़ को देने होंगे।
पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (पीपीएससी) ने अप्रैल, 2014 में पीसीएस के 25 पदों के लिए ग्रुप ए और ग्रुप बी कर्मियों से आवेदन मांगे थे। याचिकाकर्ता प्रोमिला शर्मा ने भी आवेदन किया था। जब नतीजे आए तो प्रोमिला शर्मा 26वें स्थान पर रहीं। इसके कारण वे पीसीएस नहीं बन पाईं, जबकि रमन कोछड़ की नियुक्ति हो गई थी। पीसीएस के लिए अनिवार्य योग्यता बीए है, जबकि रमन कोछड़ के पास बीए की डिग्री ही नहीं है। नियुक्ति के बाद जब बीए की डिग्री मांगी तो बताया गया कि वह अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से एमए इतिहास, पंजाब यूनिवर्सिटी से एमए पंजाबी और पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री धारक हैं, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। लीगल रिमेंब्रेंस और एजी ने भी बिना बीए के इस नियुक्ति को सही नहीं माना था। पंजाब की मुख्य सचिव ने 5 अक्तूबर को रमन कोछड़ को उनके पद से रिवर्ट करने का आदेश दिया था।
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