चंडीगढ़। मांगों के समर्थन में को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंपलाइज एंड वर्कर्स के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने वीरवार को राजभवन कूच किया। पुलिस ने सेक्टर- 17 में बिजली विभाग के पास बेरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका। इस दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम सेंट्रल मौके पर पहुंचे। कूच करने से पहले कर्मचारियों ने सेक्टर- 17 के लोकल बस स्टैंड के पास रैली की।
को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने घोषणा की कि यदि कर्मचारियों की मांगें पूरीं न हुई तो 10 फरवरी को एक दिन का पूर्ण हड़ताल होगा। रोष प्रदर्शन में उपस्थित कर्मचारियों को आर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार, चेयरमैन अनिल कुमार और संरक्षक शामलाल घावरी ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि यह रोष प्रदर्शन चंडीगढ़ प्रशासन की कर्मचारियों की प्रमुख मांगों के प्रति नकारात्मक रवैया के कारण हो रहा है। कर्मचारी अपनी मांगों के लिए पिछले कई महीनों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी सुन नहीं रहे हैं। नेताओं ने कहा कि वे कई बार चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी अपील कर चुके हैं।
नेताओं ने कहा कि जेम पोर्टल के ठेकेदार लगातार आउटसोर्स कर्मचारियों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। कर्मचारियों के वेतन से गैरकानूनी कटौती की जा रही है। ठेकेदार बदलने से कर्मचारियों को भी बदलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। नौकरी पर बने रहने के लिए ठेकेदारों द्वारा 15 से 20 हजार रुपये मांगे जाते हैं। पीएफ भी जमा नहीं कराया जाता। श्रम कानून लागू नहीं किया जा रहा है। आउटसोर्स कर्मचारियों की हो रही इस लूट के खिलाफ कोआर्डिनेशन कमेटी लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रही है।
प्रदर्शन में दलजीत सिंह, रविंदर सिंह, किशोरी लाल, वरिंदर बिष्ट, दविंदर सिंह, गुरमेल सिंह दारा, हरी मोहन, रजिंदर कुमार,सुखवंत सिंह,जसविंदर सिंह, मामराज, राजेश कुमार, रघवीर सिंह, चरणजीत सिंह, सुरेश कुमार, राहुल वैद, कमल कल्याण, नरेश कुमार, शीशपाल, करम जीत सिंह, वरिंदर सिंह दालम, दविंदर सिंह राणा, रामफल, माईकल, छोटे लाल, अनिल कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेताओं सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।