चंडीगढ़। बैंक से 1530 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी व लुधियाना के नामी उद्योगपति नीरज सलूजा को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। दो साल पहले बैंकों के साथ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद इस मामले की जांच ईडी ने शुरू कर दी थी। कंपनी मेसर्स एसईएल टेक्सटाइल्स लिमिटेड के डायरेक्टर्स और शेयर्स होल्डर पर बैंक धोखाधड़ी मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से दी शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। करीब 1,530.39 करोड़ रुपये के बैंक लोन की हेराफेरी का आरोप है। ईडी ने इस मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर जांच करते हुए यह कार्रवाई की थी। ईडी ने फरवरी 2023 में 828 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी। इसमें लुधियाना, श्री मुक्तसर साहिब, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), अलवर और हिसार में भूमि, भवन और मशीनरी शामिल थी।
ईडी के अनुसार मेसर्स एसईएल टेक्सटाइल्स लिमिटेड ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के ग्रुप से ली गई ऋण राशि का दुरुपयोग किया था। मामले में 14 अगस्त, 2020 को सीबीआई ने कंपनियों के डायरेक्टर्स के घरों और दफ्तरों में रेड की थी। जांच के दौरान सीबीआई ने कई लोगों से पूछताछ की थी। आरोप के अनुसार सलूजा और कंपनी के अन्य डायरेक्टर्स ने एसईएल के नाम पर जो बैंक लोन लिए थे, उन्हें अलग-अलग जगह से फंडिंग किया गया था। इस मामले में गिरफ्तारी के खिलाफ सलूजा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ईडी के पास गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त आधार थे।