चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए अमृतसर नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को रद्द करने मांग को लेकर दाखिल कांग्रेस नेता विकास सोनी की याचिका को खारिज कर दिया है।
सोनी ने याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के पास सदन में सबसे ज्यादा 40 सीटें थीं और यह बहुमत के लिए काफी था। बावजूद इसके सत्तारूढ़ पार्टी ने बिना कोई चुनाव करवाए मेयर का चयन कर लिया। इस पर कांग्रेसी पार्षदों ने विरोध भी जताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पार्टी की मांग है कि चुनाव को रद्द कर किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में दोबारा मतदान कराया जाए। इसके अलावा 28 जनवरी को हुए चुनाव की वीडियोग्राफी का पूरा रिकॉर्ड हाईकोर्ट में पेश तलब करने की भी मांग की गई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह याचिका मान्य नहीं है, चुनाव याचिका इलेक्शन ट्रिब्यूनल के सामने दाखिल की जा सकती है। इससे पहले कांग्रेस ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हाथ उठाकर चुनाव करवाने और चुनाव की वीडियोग्राफी करवाने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव की वीडियोग्राफी करवाने और हाथ उठाकर चुनाव संपन्न करवाने पर विचार करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।