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Panchkula News: नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में मुआवजे की मांग, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

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चंडीगढ़। नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पीड़ित मुआवजा योजना के तहत राहत और पुनर्वास का मुद्दा पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को निर्धारित की गई है।
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यह जनहित याचिका फाइट फॉर राइट द वॉइस ऑफ अनहर्ड विक्टिम्स वेलफेयर सोसाइटी ने दायर की है। यह घटना जालंधर जिले के करतारपुर क्षेत्र के एक गांव की है। नौ वर्षीय बच्ची अपने माता-पिता के साथ खेतों में काम कर रही थी। आरोप है कि करीब 35 वर्षीय मजदूर ने पपीता देने के बहाने बच्ची को खेत में बुलाया और दुष्कर्म किया।
घटना के बाद बच्ची गंभीर हालत में सड़क किनारे मिली थी। परिजनों ने उसे तत्काल करतारपुर के अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे जालंधर सिविल अस्पताल रेफर किया गया। वहां बच्ची का उपचार और आवश्यक शल्य चिकित्सा की गई और अब उसकी हालत स्थिर है।
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पुलिस ने आरोपी की पहचान झारखंड निवासी 35 वर्षीय राजेश के रूप में की है। उसके खिलाफ दुष्कर्म और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी।


मुआवजे की मांग :

जनहित याचिका में मुख्य मुद्दा यौन अपराध की शिकार नाबालिग बच्ची को मुआवजा दिलाना है। पीड़ित मुआवजा योजना के तहत समय पर प्रभावी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने बच्ची के अधिकारों की सुरक्षा, उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित करने को कहा है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भी मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।



संस्था का पक्ष :

याचिकाकर्ता संस्था की अध्यक्ष सिमरनजीत कौर गिल ने अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि यौन अपराधों के शिकार बच्चों के मामले में केवल आपराधिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। पीड़ित बच्चे को उपचार, मानसिक सहयोग और पुनर्वास मिलना चाहिए। मुआवजे समेत सभी जरूरी सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
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