चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने युवक को गैर कानूनी रूप से डंकी रूट के माध्यम से रूस भेजने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया। याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि नौजवानों से पैसे ठगे जा रहे हैं और उन्हें विदेश भेजने के बहाने शिकार बनाया जा रहा है।
आरोपी के खिलाफ एक एफआईआर लुधियाना निवासी महिला की शिकायत पर दर्ज की गई थी जिसने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसके भाई को जर्मनी भेजने के बहाने उससे और उसके भाई से 8 लाख रुपये लिए थे। आरोपी ने उसके भाई को गैर-कानूनी रास्ते/डंकी रूट से रूस भेजा जहां उसे युद्ध में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया।
आरोप लगाया गया कि उसके परिवार को मैसेज मिला था कि उसके भाई की मौत हो गई है। साथ ही उसके भाई की डेड बॉडी के लिए उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं। आरोपी के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता का भाई टूरिस्ट वीजा पर रूस गया था और उसे डंकी रूट से नहीं भेजा गया था। यह भी कहा गया कि आरोपी का पीड़ित की रशियन आर्मी में भर्ती से कोई लेना-देना नहीं था।
हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायत करने वाले के भाई को भरोसा दिलाया गया था कि उसे जर्मनी भेज दिया जाएगा, हालांकि उसके पक्ष में कोई वैलिड वीजा जारी नहीं किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी से कस्टडी में पूछताछ करने से मना कर दिया जाता है, तो कई बड़ी कमियां और गैप रह जाएंगे जो जांच पर असर डाल सकते हैं। इस वजह से कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।