चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला के सरकारी कॉलेज की दो एकड़ जमीन को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और लोकायुक्त कार्यालय बनाने के लिए देने के हरियाणा सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही हरियाणा सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
पंचकूला के सरकारी कॉलेज की छात्रा प्रियंका रानी ने हरियाणा किसान कांग्रेस के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष व शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल के सहयोग से यह याचिका दाखिल की है। याची ने बताया कि हरियाणा सरकार ने सितंबर 2020 को कॉलेज की 1.77 एकड़ जमीन रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी व लोकायुक्त कार्यालय के निर्माण के लिए देने का निर्णय लिया था। कालेज बनाने के लिए 1985-86 में 14.88 एकड़ जमीन जारी की गई थी। शिक्षा नीति के अनुसार कॉलेज के लिए 15 एकड़ भूमि अनिवार्य होती है। कॉलेज की 2.88 एकड़ भूमि पर पहले ही अतिक्रमण है जो एसीपी कार्यालय और मंदिर के रूप में है।
याची ने कहा कि कॉलेज पहले ही जमीन की कमी झेल रहा है। ऊपर से अब और भूमि कार्यालय बनाने के लिए दी जा रही है। कॉलेज के प्रिंसिपल व शिक्षकों ने भूमि में कटौती न करने का अनुरोध किया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सरकार के इस निर्णय का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
छात्रा ने हाईकोर्ट से सरकार के इस निर्णय पर रोक लगाने की अपील की है। साथ ही भूमि पर पहले से मौजूद अतिक्रमण को भी हटाने के निर्देश जारी करने की हाईकोर्ट से मांग की है। याची ने कहा कि कॉलेज के लिए अनिवार्य भूमि को उपलब्ध करवाना सरकार का फर्ज है, लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं है। हाईकोर्ट ने विषय को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा भूमि जारी करने के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।