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Panchkula News: एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से बिगड़ी स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित कर्मियों की छुट्टियां रद्द

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। मांगों को लेकर एनएचएम के तीन सौ कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं फिर गड़बड़ा गई हैं। डॉक्टरों के हड़ताल से लौटने के बाद शनिवार को सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में भारी संख्या में मरीज पहुंचे थे। एनएचएम के तहत सरकारी अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग, ड्राइवर, क्लर्क समेत अन्य स्टाफ के हड़ताल पर जाने से अफरा-तफरी का आलम रहा। इस अव्यवस्था से निपटने के लिए विभाग ने नियमित कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग की सभी सेवाओं पर प्रभाव पड़ा। इसमें गर्भवती महिलाओं के वार्ड, निक्कू वार्ड सहित अन्य जगह पर स्टाफ की तैनाती कम रही। इस कारण रेगुलर काम करने वाले नर्सिंग ऑफिसर को दिक्कत हुई है। दूसरी तरफ एनएचएम कर्मचारियों को गैर हाजिर दिखाया गया है। इससे हड़ताली कर्मचारियों में रोष बना हुआ है। शनिवार को कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल के बाहर धरना देकर जमकर प्रदर्शन किया।
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल सहित जिले में सभी जगह एनएचएम कर्मचारियों ने पूरी तरह से वर्क सस्पेंड रखा। इस दौरान इमरजेंसी सहित अन्य वार्डों में नियमित स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई। शनिवार को दो की जगह एक नर्स को तैनात किया गया था। प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र कुमार वत्स और हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव हरिराज ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की जा रही हैं। प्रदेश महासचिव हरिराज ने कहा कि एनएचएम को हड़ताल करने का शौक नहीं है बल्कि यह हड़ताल उन पर थोपीं गई है। प्रदेश महासचिव ने कहा कि कोविड–19 के दौरान एनएचएम कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए एनएचएम को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तीन साल बाद भी 7वां वेतन आयोग फाइलों की धूल फांक रहा है। प्रदेश महासचिव ने सरकार को चेताया कि वह हठधर्मिता छोड़े, नही तो कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। अगर मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे।
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तीन सेंटर पूरी तरह से बंद रहे

एनएचएम के प्रधान अरविंद यादव, एनएचएम की नर्सिंग ऑफिसर संध्या, अश्विनी और भारतीय मजदूर संघ के प्रधान कृष्ण कुमार कटारिया ने बताया कि कर्मचारियों की मांग को लेकर रामगढ़, रत्तेवाली और कंडईवाला सब सेंटर बंद रहे। कालका, पिंजौर, मोरनी और रायपुररानी में सीएचसी, पीएचसी सहित अन्य सेंटरों में एएनएम नहीं होने के कारण नियमित स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।
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एनएचएम कर्मचारी काम पर नहीं आए हैं। सभी को अनुपस्थित किया गया है। नियमित स्टाफ से काम लिया जा रहा है। सभी की ड्यूटी इमरजेंसी, गायनी वार्ड सहित सभी जगह लगाई गई है। इसमें नर्सिंग स्टाफ, ड्राइवर, ईएमटी सहित सभी की जगह नियमित स्टाफ को जिम्मेदारी दी गई है। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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