चंडीगढ़। हरियाणा में एचआईवी पीड़ित लोेगों को स्वास्थ्य विभाग हर महीने 2250 रुपये की वित्तीय सहायता देगा। इसके अलावा जेलों में हैपेटाइटिस बी व सी की जांच के लिए दूसरा चरण आज से शुरू कर दिया गया है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम हरियाणा की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया। उन्होंने मलेरिया मुक्त मेवात के दूसरे चरण की भी शुरूआत की और परिवार नियोजन से संबंधित अंतरा हरि सॉफ्टवेयर लांच किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा भी उपस्थित थे।
अनिल विज ने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा एचआईवी मरीजों को बेहतर जीवनयापन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्घ है। ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण पर पहली तिमाही में एचआईवी और सिफलिस का पता लगाने के लिए सभी गर्भवती महिलाओं के परीक्षण को शामिल किया गया है। जो गांव की आशा वर्कर्स व एएनएम द्वारा किया जाएगा।
विज ने कहा कि मलेरिया मुक्त मेवात अभियान के पहले दौर के सफल समापन के बाद में बीमारी की घटनाओं में 97 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दूसरे चरण में जिले के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों उजीना, सुडाका और बाई के तहत आने वाले 62 गांवों के 1.86 लाख लोगों की मुफ्त मलेरिया जांच और इलाज 74 टीमों द्वारा घर-घर जाकर की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए कदमों से राज्य जल्द ही मलेरिया मुक्त होगा।
विज ने बताया कि ‘अंतरा-हरि-सॉफ्टवेयर’ एक वेब मोबाइल-आधारित एप्लिकेशन है, जो इंजेक्टेबल गर्भनिरोधक और उनकी खुराक लेने वाले उपयोगकर्ताओं को लाइन-लिस्ट करता है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरा टीका साधन अपनाने वाले लाभार्थियों को समय पर सेवा उपलब्ध करवाना है। यह सॉफ्टवेयर आशा वर्कर्स द्वारा लाभर्थियों का फॉलोअप करने में मदद करेगा। साथ ही इसके माध्यम से एसएमएस के रूप में रिमाइंडर भेजकर अगली खुराक के लिए याद भी करवाया जाएगा।