गले में खराश, नाक बहना और सांस लेने में परेशानी भी हो सकते हैं लक्षण, उपायुक्त सतपाल शर्मा ने सावधानी बरतने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। स्वाइन फ्लू (एच1एन1) से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उपायुक्त सतपाल शर्मा ने जिलावासियों से अपील की है कि बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें। उन्होंने लोगों से संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की पालना करने को कहा।
उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना और सांस लेने में परेशानी शामिल हैं। इसके अलावा बदन दर्द, सिरदर्द, थकान, ठिठुरन, उल्टी, अतिसार और बलगम में खून आना भी लक्षण हो सकते हैं।
खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें
उपायुक्त ने कहा कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या कपड़े से ढकें। हाथों को साबुन और पानी से नियमित रूप से धोते रहें और बार-बार नाक, आंख और मुंह को छूने से बचें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने के साथ संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।
लक्षण हों तो सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचें
बुखार, खांसी या गले में खराश होने पर सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक आहार लेने और पूरी नींद लेने पर भी जोर दिया गया। संक्रमण से बचाव के लिए हाथ मिलाने, गले मिलने और अन्य शारीरिक संपर्क वाले अभिवादन से बचने को कहा गया है। उपायुक्त ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने और चिकित्सक की सलाह के बिना दवा न लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सावधानी और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों की पालना से स्वाइन फ्लू के संक्रमण से स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।