आईएएस अधिकारियों के सुपरविजन में लापरवाही सामने आई
जांच में आईएएस अधिकारियों के सुपरविजन में लापरवाही सामने आई थी। अधिकारियों के मुताबिक दोनों अधिकारियों ने विभाग के फंड को चेक करने की जहमत नहीं उठाई। आईएएस प्रदीप कुमार हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के रूप में 31 अगस्त, 2022 से 10 दिसंबर, 2025 तक नियुक्त रहे थे। इस दौरान बोर्ड का पैसा आईडीएफसी बैंक में जमा कराया गया था। इसी तरह राम कुमार सिंह दस जुलाई 2025 से 28 जनवरी 2026 तक पंचकूला नगर निगम के आयुक्त के रूप में कार्यरत थे और पंचकूला नगर निगम का पैसा भी आईडीएफसी बैंक में जमा था।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (अनुशासन और अपील) नियम 1969 के तहत निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा और उनका मुख्यालय हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय चंडीगढ़ में होगा। प्रदीप कुमार और राम कुमार सिंह दोनों राज्य सिविल सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत हुए थे। भारतीय प्रशासनिक सेवा (अनुशासन और अपील) नियम 1969 के नियम 3(1)(a) के तहत, अगर किसी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही विचाराधीन या लंबित हो, तो राज्य सरकार या केंद्रीय सरकार उसे निलंबित कर सकती है।
जुलाई 2025 से फरवरी 2026 के बीच सामने आई थी गड़बड़ियां
यह गड़बड़ियां जुलाई 2025 से फरवरी 2026 के बीच कई चरणों में सामने आईं। सबसे पहले, जब शहरी स्थानीय निकाय और विकास और पंचायती विभागों ने खातों को बंद करने या फिक्सड डिपाजिट बैलेंस की जांच करने की कोशिश की, तो उन्हें फर्जी बैंक स्टेटमेंट और गायब फंड मिले। मार्च 2026 में मुख्य षड्यंत्रकर्ताओं की गिरफ्तारी और इन निजी बैंकों के हरियाणा सरकार द्वारा डि-एंपैनल किए जाने के बाद जांच ने रफ्तार पकड़ी। इस मामले में अभी तक दस ज्यादा आरोपी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
एफआईआर दर्ज करने के बाद आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर व निलंबन
इस मामले में सीबीआई ने 8 अप्रैल बुधवार को शाम चार बजे एफआईआर दर्ज की थी। जब यह जानकारी राज्य सरकार के पास पहुंची तो आला अधिकारियों ने इस मामले में संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी। सरकार ने बुधवार देर रात
आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार व आरके सिंह को निलंबित कर दिया गया। अन्य अधिकारियों का तबादला कर दिया। वरिष्ठ आईएएस डा. साकेत कुमार, विनीत गर्ग, पंकज गर्ग और मोहम्मद शाइन से सभी प्रमुख विभाग लेकर उन्हे वे डिपार्टमेंट सौंप दिए गए, जिन्हें सजा के तौर पर माना जाता है। डा. साकेत कुमार को मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव के पद से हटाकर अर्काइव्स विभाग, पंकज अग्रवाल से सिंचाई व खनन विभाग लेकर आर्किटेक्चर विभाग, विनीत गर्ग से प्रदूषण बोर्ड के चेयरमैन का पद लेकर प्रिंटिंग व स्टेशनरी विभाग व मोहम्मद शाइन से वित्त विभाग व पब्लिक हेल्थ लेकर हाउसिंग फॉर आल दिया गया है।