हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने सोमवार को लघु सचिवालय में आयोजित बैठक में 36 मामलों की सुनवाई कर पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए। दहेज, घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर शोषण और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना जैसे मामलों पर सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिलना प्राथमिकता है।
इस दौरान एक मामला सामने आया जिसमें एक परिवार ने अपनी बेटी के गायब होने पर अशोका यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार सुनील शर्मा और कुछ लोगों पर बेटी को गायब करने के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों के अनुसार उनकी बेटी 2019 में पढ़ाई के लिए गई थी और 24 अक्तूबर 2023 को लापता हो गई। कॉल डिटेल के आधार पर उसकी लोकेशन विश्वविद्यालय से जुड़ी एक महिला कर्मचारी के पास बताई गई लेकिन पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी का नाम बिना जानकारी बदला गया और उसका मुस्लिम समाज से संबंधिम नाम सोयजा रख दिया गया। यही नहीं उसके सर्टिफिकेट भी इसी नाम से बना दिए गए हैं। कोर्ट में भी उसे अलग पहचान के साथ पेश किया गया। लंबे समय से संपर्क न होने पर उन्होंने उसकी सुरक्षा के लिए चिंता जताई। मामले पर हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने फटकार लगाते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। जब अध्यक्ष ने उनसे इस संबंध में जानकारी मांगी वह चुपचाप कुर्सी पर बैठे रहे। बार-बार फटकार लगाने पर भी वह एक शब्द नहीं बोले। इस अध्यक्ष ने कहा कि आपने अपने मुंह को सिलाई करवा दी है क्या जो आप इस गंभीर विषय पर जरा भी बात नहीं कर रहे हो।
बैठक में उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों में दोनों पक्षों को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश किया जाए, ताकि निष्पक्ष सुनवाई हो सके। एक घरेलू हिंसा के मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए जबकि दहेज उत्पीड़न के मामले में एक महीने के भीतर आरोपी को पेश करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध है। बैठक में एसीपी सुरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, विक्रम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस मामले में कुछ भी नहीं कहना चाहता हूं। मेरी कोई गलती नहीं है। मैंने कुछ नहीं किया है।
- सुनील शर्मा