पंचकूला। हरियाणा में आवासीय भूखंडों पर स्टिल्ट प्लस 4 मंजिल नीति को लेकर छिड़ा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर आ गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार की इस विवादास्पद नीति पर रोक लगाने के बाद, सरकार सख्त हो गई है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने प्रदेश के सभी बड़े शहरों के विकास प्राधिकरणों और नगर निगमों को तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। सरकार ने इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने वाले अधिकारियों को भी चेतावनी दी है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ सहित नगर निगम कमिश्नरों को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में की गई कार्रवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट 22 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा करें।
हाईकोर्ट ने सुनील सिंह बनाम हरियाणा सरकार व अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 2 अप्रैल 2024 के अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार फिलहाल एस+4 फ्लोर पॉलिसी को आगे नहीं बढ़ा सकती। इसी क्रम में विभाग ने मेमो संख्या आदेश जारी कर गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पंचकूला जैसे महानगरों के अधिकारियों को सक्रिय कर दिया है।
इन दो बिंदुओं पर रहेगा फोकस : अतिक्रमण और अवैध उपयोग
-सड़कों के किनारे जिन लोगों ने अवैध रूप से ग्रीन एरिया, लॉन, लैंडस्केपिंग या बाउंड्री वॉल बनाकर कब्जा किया है, उन्हें तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
-आवासीय भूखंडों में स्टिल्ट फ्लोर (पार्किंग एरिया) का व्यावसायिक उपयोग या वहां अवैध निर्माण करने वालों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा। अतिक्रमण और नियमों के विरुद्ध स्टिल्ट फ्लोर का उपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं। अनुराग अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, हरियाणा।