हरियाणा सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का आकार पहले की तुलना तीन गुणा कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में इस योजना के क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास और अन्य विभागों के काम शामिल किए गए हैं। सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय दिशा कमेटी की बैठक में यह जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बैठक की सह-अध्यक्षता की।
सीएम ने विभिन्न विभागों के कार्यक्रमों के कार्यों की समीक्षा के बाद बताया कि हरियाणा पहली अप्रैल 2020 से 309 रुपये प्रतिदिन की उच्चतम मजदूरी दर देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान एक करोड़ रोजगार दिवस सृजित करने के लक्ष्य के विरुद्ध मनरेगा के तहत 45 लाख दिवस सृजित कर चुके हैं। जनसाधारण की जानकारी के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत की वेबसाइट पर नरेगा कार्यों की सूची अपलोड की जाए और सभी महत्वपूर्ण व्यय भी ग्राम पंचायत की वेबसाइट पर दिखाएं।
बैठक में बताया गया कि नरेगा में शतप्रतिशत धनराशि का वितरण डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है। श्रमिकों को आधार से जोडऩे का 98 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। चालू वर्ष के दौरान कोविड-19 की विषम परिस्थितियों में ग्रामीणों को राहत प्रदान करने के लिए कैटल शेड, बकरी पालन, सुअर पालन, खाद गड्ढे और कृमि खाद जैसे व्यक्तिगत कार्यों पर अधिक जोर दिया जा रहा है। पंचायती भूमि पर बागवानी, पारंपरिक तालाबों (जोहड़) को चौड़ा करने, सांझा भूमि पर वनीकरण और महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए वर्क शेड बनाने पर फोकस है।
हिसार के नयागांव की गोबर धन योजना प्रदेश में होगी लागू
स्वच्छता और ठोस कचरे से ऊर्जा उत्पन्न करने के लक्ष्य वाली गोबर-धन परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला हिसार के नयागांव की गोबर-धन परियोजना को राज्य के सभी जिलों में चलाया जाए। राज्य तकनीकी सलाहकार समिति ने इस योजना के तहत 7 परियोजनाएं अनुमोदित की हैं। नयागांव में गोबर-धन परियोजना का संचालन शुरू हो चुका है। जिला भिवानी, चरखी दादरी, सिरसा, फरीदाबाद और पानीपत में ऐसी परियोजनाओं का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने की संभावना है।
53 प्रतिशत प्रशिक्षित ग्रामीण युवाओं को दिया रोजगार
सीएम को बताया गया कि दीन दयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना के तहत 53 प्रतिशत प्रशिक्षित ग्रामीण युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। नई प्रतिष्ठित एजेंसियों को आमंत्रित करने के साथ-साथ ऑनलाइन रोजगार मेलों के माध्यम से इसे 70 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ठोस कचरा प्रबन्धन की 174 परियोजनाएं प्रगति पर हैं। तरल अपशिष्ट प्रबंधन 402 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। 380 ग्राम पंचायतों में घर-घर जाकर ठोस कचरे को एकत्रित करने, अलग-अलग करने, उठाने और निपटान करने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए कि छात्राओं को स्नातक होने के बाद उपाधि के साथ ही पासपोर्ट भी दिए जाएं। शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस उनके शैक्षणिक संस्थानों में ही उपलब्ध कराएं।