चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने बरगाड़ी बेअदबी कांड से संबंधित तीन मामलों की जांच के लिए गठित एसआईटी में डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा के स्थान पर डीआईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर को शामिल किए जाने की सिफारिश की गई है। रणबीर सिंह खटड़ा गत 31 मार्च को रिटायर हो गए हैं।
बार्डर रेंज अमृतसर के आईजी और एसआईटी के प्रमुख सुरिंदरपाल सिंह परमार की ओर से पंजाब पुलिस के निदेशक विजिलेंस ब्यूरो को भेजे पत्र में कहा गया है कि पंजाब पुलिस के डीजीपी के साथ 17 अप्रैल को हुई ऑडियो कांफ्रेंस में हुए विचार के आधार पर यह सिफारिश की जा रही है। पत्र में आगे कहा गया कि रणबीर सिंह खटड़ा चूंकि रिटायर हो गए हैं, उनके स्थान पर एसआईटी में योग्य सदस्य को शामिल किए जाने की आवश्यकता है, जो बेअदबी के मामलों की जांच का जिम्मा संभाल सके। इसके लिए पंजाब राज्य में कार्यरत मौजूदा डीआईजी रैंक के आठ अधिकारियों में से 2004 बैच के गुरप्रीत सिंह भुल्लर का चयन किया गया है। जिन अन्य नामों पर विचार किया गया, वे हैं- बाबू लाल मीणा, बलजोत सिंह राठौड, हरदयाल सिंह मान, हरबाज सिंह, गुरप्रीत सिंह तूर, सुरजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह गिल। आठ अधिकारियों के नामों की स्क्रूटनी के बाद डीआईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर के एसआईटी के लिए उपयुक्त माना गया, क्योंकि प्रैक्टिकल इनवेस्टीगेशन का उनका 30 साल का अनुभव है। इस आधार पर डीआईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर को एसआईटी के सदस्य के रूप में मनोनीत किया जाए।
उल्लेखनीय है कि इसी साल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायत पर सीबीआई द्वारा दस्तावेज सौंपे जाने के बाद एसआईटी ने साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच शुरू कर दी थी। वहीं, राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर रणबीर सिंह खटड़ा को एसआईटी प्रमुख के पद से तो हटा दिया, लेकिन सदस्य के रूप में एसआईटी में उन्हें बनाए रखा गया। एसआईटी के प्रमुख के पद पर उनकी जगह बार्डर रेंज अमृतसर के आईजी सुरिंदरपाल सिंह परमार को जिम्मेवारी सौंप दी गई थी। खटड़ा के रिटायर हो जाने के बाद एसआईटी में डीआईजी रैंक के ही एक सदस्य की जगह रिक्त हो गई थी।