चंडीगढ़। बारिश के सरप्लस पानी से भूजल को रिचार्ज करने के लिए पहले चरण में बाढ़ग्रस्त ब्लॉक में 300 रिचार्ज शाफ्ट तैयार किया जाएगा। हरियाणा सरकार ने पायलट आधार पर ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत इस काम को किया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत ब्लॉक गुहला में 100 रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण कार्य गत दिवस शुरू कर दिया गया है। रतिया और शाहाबाद खंडो में 100-100 शाफ्ट का निर्माण करने के लिए भी टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं। इस परियोजना को लागू करने वाला सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग जल्द ही योजना के तहत शामिल सभी आठ ब्लॉकों में 700 रिचार्ज शाफ्ट के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित करेगा।
संजीव कौशल ने बताया कि किसान अपने खर्च पर बाढ़ग्रस्त भूमि पर रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण कर सकते हैं। हालांकि, यह निर्माण सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों और शर्तों के अनुसार किया जाना चाहिए। इसके लिए किसान ‘‘मेरा पानी-मेरी विरासत’’ पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। उनके अनुसार हरियाणा सरकार ने आठ जल-प्रखंडों, जैसे रतिया (जिला फतेहाबाद), सीवन और गुहला (जिला कैथल), पिपली, शाहाबाद, बबैन और इस्माइलाबाद (जिला कुरुक्षेत्र) और सिरसा (जिला सिरसा) में 1,000 रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण करने का निर्णय लिया। इस परियोजना की लागत लगभग 32.33 करोड़ होगी।