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ग्राउंड रिपोर्ट : मरीजों के सस्ते इलाज पर पड़ रही महंगी दवाइयों की मार

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पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाई नहीं मिलने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। हड्डी, स्किन और मेडिसिन के डॉक्टरों द्वारा महंगी दवाइयां लिखी जा रही हैं। मरीजों को मजबूरी में मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को रियलिटी चेक किया। इसमें यह बात सामने आई है। मरीजों का कहना है कि उन्हें अस्पताल से नाममात्र की दवाइयां मिल रही हैं। विटामिन समेत अधिकांश दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। इसमें उन्हें पांच से एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना तीन हजार मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। सस्ता इलाज कराने आने वाले मरीजों पर महंगी दवाइयों की मार पड़ रही है।
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विटामिन की दवाई बाहर से खरीदने की सलाह दी
मेरे घुटने में दर्द था। अस्पताल की पर्ची में पेन किलर और कैल्शियम की दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए लिखी गई हैं। बाहर सात सौ रुपये की दवाई मिली है। अस्पताल में दवाई उपलब्ध नहीं होने के कारण पैसे अधिक खर्च करने पड़े हैं। - मनोहर लाल, मरीज
विटामिन की पूर्ति की दवा नहीं मिली
मेरे घुटने में दर्द है। इसके साथ ही मुझे ब्लड प्रेशर की समस्या है। मुझे मल्टी विटामिन और ब्लड प्रेशर की दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ी हैं। पर्ची पर लिखी केवल दो दवाइयां अस्पताल में मिली हैं। मैंने एक हजार रुपये में सात दिन की दवा खरीदी है। डॉक्टरों की तरफ से कहा गया है कि यह दवाई बाहर से मिलेगी। अस्पताल के मेडिकल स्टोर में दवाइयों का अभाव बना हुआ है। - शबाना, मरीज
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स्किन लोशन और दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ी
मुझे कई जगह स्किन इंफेक्शन है। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टर ने पर्ची पर जो दवा लिखी है, उनमें केवल पेन किलर मिली है। इसके अलावा अन्य दवाएं नहीं मिलीं। इससे मुझे करीब पंद्रह सौ रुपये की दवा बाहर से खरीदनी पड़ी हैं। - मनोज कुमार, मरीज
मेडिसिन विभाग में नहीं मिली दवाइयां
मुझे हाथ-पैर में दर्द के साथ शुगर की बीमारी है। इस बीमारी की अस्पताल में केवल एक दवाई मिली। इसके बाद सभी दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए डॉक्टर ने कहा है। दवाई नहीं मिलने पर हमें अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। - शशि बाला, मरीज
जिले के सरकारी अस्पताल में दवाइयों की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी दवाइयां उपलब्ध करा रही है। जिन दवाइयों की कमी होगी उसे भी जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सेक्टर-6 सिविल अस्पताल
जिन दवाओं की कमी पाई जाएगी। उसका स्टाक भी मंगाया जाएगा। हमारी तरफ से मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जो दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, उस पर भी मीटिंग कर जल्द ही स्टाक पूरा किया जाएगा। - सुबीर सक्सेना, पीएमओ, सेक्टर-6 सिविल अस्पताल
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