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परीक्षाएं आयोजित करने वाली अधिसूचना के खिलाफ रिप्रेजेंटेशन पर 1 सप्ताह में निर्णय ले सरकार

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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कुछ छात्रों द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा 21 मई 2020 को जारी की गई अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए वापस लेने की छूट दी है। हाईकोर्ट ने परीक्षाएं आयोजित करने के खिलाफ छात्रों द्वारा सौंपी गई रिप्रजेंटेशन पर हरियाणा सरकार को एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेेेने के आदेश दिए हैं।
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याचिकाकर्ताओं ने बताया कि हरियाणा सरकार के आदेश के तहत 1 जुलाई 2020 से परीक्षाए होंगी, जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार इस मामले को लेकर फेज 2 यानी जुलाई में स्थिति का आंकलन करने का निर्णय लिया जाना था। वहीं यूजीसी ने भी स्पष्ट किया है कि इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय छात्रों के अभिभावकों व अन्य स्टेकहोल्डर्स को विश्वास में लेकर निर्णय लेगा। ऐसा न होकर नियमों को ताख पर रखकर परीक्षाओं का निर्णय लिया गया इसलिए परीक्षा रदद की जाए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि वर्तमान की परिस्थितियों को देखते हुए अगर परीक्षाएं आयोजित की गईं तो कोरोनावायरस फैलने का खतरा बढ़ सकता है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप इन परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए यूनिवर्सिटी और सरकार को रिप्रजेंटेशन भी दी गई थी। रिप्रजेंटेशन देने के बावजूद ना तो यूनिवर्सिटी न ही हरियाणा सरकार की ओर से इस बारे में कोई निर्णय लिया गया। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि वह रिप्रजेंटेशन पर तय समय में निर्णय ले। सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया कि है कि वह एक सप्ताह में इस बारे में निर्णय लेंगे । सरकार के इस जवाब पर हाईकोर्ट ने याची को याचिका वापिस लेने की छूट देते हुए खारिज कर दी।
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