पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने बेअदबी, बहबलकलां व कोटकपुरा मामलों को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखने के ठीक अगले ही दिन राज्य सरकार को सुझाव दिया है कि कोटकपूरा मामले की जांच के लिए गठित की गई नई एसआईटी के जांच की समय सीमा तय छह माह से कम तय की जानी चाहिए, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके और पीड़ितों को इंसाफ मिल सके।
राज्य सरकार को लिखे पत्र में प्रताप बाजवा ने कहा है कि वे इस मामले में दो सुझाव देना चाहते हैं, ताकि जांच का काम तेजी से किया जा सके। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में जांच का काम पूरा करने के लिए छह माह का समय दिया है। इसका सीधा अर्थ है कि जांच का काम छह माह से पहले भी पूरा किया जा सकता है और राज्य सरकार पर नई एसआईटी के लिए जांच की समय सीमा छह माह के कम तय करने पर कोई पाबंदी नहीं है। बाजवा ने कहा कि पिछली एसआईटी ने जो जांच की थी, उसके पास सारा रिकार्ड मौजूद है, ऐसे में नई एसआईटी को काफी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही बाजवा ने यह भी कहा कि नई एसआईटी में जिन अफसरों को नियुक्त किया गया है, वह सभी राज्य में अलग-अलग जिलों में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि उपयुक्त होगा कि सरकार इन सभी अफसरों को अस्थायी तौर पर फरीदकोट में तैनात करे, ताकि वे एसआईटी के सदस्य के तौर पर काम जल्द पूरा कर सकें।