चंडीगढ़। कुरुक्षेत्र के खनन अधिकारी द्वारा थानेसर के विधायक सुभाष सुधा के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर हरियाणा सरकार ने बैकफुट पर आते हुए हाईकोर्ट को बताया कि खनन अधिकारी का निलंबन आदेश वापस ले लिया गया है। हरियाणा सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कहा कि याची की मांग पूरी हो चुकी है और ऐसे में याचिका पर आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
याचिका दाखिल करते हुए निलंबित खनन अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने भतेड़ी गांव में अवैध खनन करने पर एक जेसीबी व दो ट्रैक्टर ट्राली को जब्त करने का आदेश दिया। इस दौरान उनके पास थानेसर के विधायक सुभाष सुधा का फोन आया और याची को वाहन छोड़ने को कहा। याची ने उन्हें कहा कि यह याची के अधिकारक्षेत्र में नहीं है। इससे विधायक नाराज हो गए। कुछ समय बाद याची को खनन मंत्री मूलचंद का फोन आया और उन्होंने याची को सुभाष सुधा से बात करने को कहा। इसके बाद एक व्यक्ति अचानक याची के ऑफिस में आया और कहा कि कैसे याची इस कुर्सी पर बैठ सकता है क्योंकि सुभाष सुधा उसे निलंबित करवा चुके हैं। इसके साथ ही यह भी धमकी दी कि अभी तो याची को केवल निलंबित किया गया है और याची नहीं माना तो उसे मरवा भी सकता है। याची ने उसके निलंबन से जुड़ी फाइल पर नोटिंग की जानकारी आरटीआई में मांगी लेकिन यह सूचना भी उपलब्ध नहीं करवाई गई। याची ने कहा कि वह अपनी ड्यूटी निभा रहा था और केवल विधायक के कह देने से वह कैसे जब्त किए गए वाहनों को छोड़ सकता है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसके निलंबन के आदेश को खारिज करते हुए उसे सेवा में बहाल किया जाए।