चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में सरकार ने विपक्ष के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया। विपक्ष के सवालों से सरकार भागती हुई नजर आई। भर्ती घोटाले की जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से करवाने, एमएसीपी की गारंटी का प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजने, शराब, रजिस्ट्री और धान खरीद घोटाले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने जैसी विपक्ष की तमाम मांगों को सरकार ने नहीं माना। अब इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस जनता के दरबार में जाएगी।
प्रेसवार्ता में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बीएसी की मीटिंग में आश्वासन दिया था कि जरूरत पड़ने पर सत्र की अवधि को और बढ़ा दिया जाएगा, लेकिन अब ऐसा करने से इंकार किया जा रहा है। कांग्रेस की तरफ से अलग-अलग मुद्दों पर 17 स्थगन और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए गए थे। इनमें से सिर्फ 5 को ही मंजूर किया गया। उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर को नूंह में ‘विपक्ष आपके समक्ष’ का अगला कार्यक्रम होगा। हुड्डा ने कहा कि सरकार बुजुर्गों की पेंशन और पिछड़े वर्ग के आरक्षण के साथ छेड़छाड़ कर रही है।
कई एसोसिएशन ने रखीं अपनी समस्याएं
हुड्डा ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन, मूक-बधिर खेल एसोसिएशन, वोकेशनल टीचर्स एसोसिएशन, नगर पालिका कर्मचारी, नगर पालिका सफाई कर्मचारी एसोसिएशन, नंबरदार एसोसिएशन, आंगनबाड़ी, अतिथि अध्यापक संघ, ओबीसी कम्युनिटी एसोसिएशन, हार्टरोन कर्मचारी, आढ़ती और व्यापारी एसोसिएशन, फल-सब्जी एसोसिएशन, राइस मिल्स एसोसिएशन, संयुक्त निर्माण मजदूर मंच, हरियाणा एम्पलाइज एंड फ्रेंड्स कोऑपरेटिव, एक्स सर्विसमैन एसोसिएशन, पंप डीलर डेलिगेशन समेत अलग-अलग संगठनों के लोग अपनी समस्याएं लेकर उनसे मिले। कांग्रेस ने इनकी समस्याएं सदन में उठाई, भविष्य में भी लोगों की मांगों को हर मंच पर उठाया जाएगा।