फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुबह कौशल रोजगार निगम का घेराव, दोपहर को एनएचएम के बाहर दिया धरना

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे कोरोना योद्धाओं ने सोमवार को कौशल रोजगार निगम मुख्यालय का घेराव किया। अधिकारियों ने बताया कि नई नोटिफिकेशन के अनुसार वे एनएचएम के अधीन रहेंगे। इस पर सभी कोरोना योद्धा सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन करते एनएचएम मुख्यालय पहुंचे और वहां जबरदस्त नारेबाजी की। जब अधिकारियों से सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो वे मुख्यालय के सामने ही धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन

कोरोना कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप सिंधु ने बताया कि संक्रमण काल के दौरान उनको एनएचएम के तहत स्वास्थ्य विभाग में भर्ती किया गया गया था। मगर जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर खत्म हुई उनको भी निकालना शुरू कर दिया गया। उसके बाद उन्होंने धरना दिया तो उन्हें फिर से रोजगार पर रखने का आश्वासन दिया गया। अब सभी कर्मचारियों को ज्वाइनिंग नहीं दी गई।
जिन कर्मचारियों को ज्वाइनिंग दी गई उनको भी कौशल रोजगार निगम में रखा गया है, अन्य कर्मचारी आज भी ज्वाइनिंग की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सोमवार को प्रदर्शन करने वालों में अमृत, रजत, विजय, शेर सिंह, राजबीर, रामेहर, जोरा, मनोज, अजय, सुनील, राकेश, कृष्ण, नरेंद्र, अक्षय शर्मा, सन्नी, सतनाम, विशांत, शुभम, अमित देशवाल, रविंद्र, जगबीर, सुरजीत, दीपक, राजेश, निर्मल, विक्रम, विनोद, सुनीता, साहिल, निकिता, नीतू, मनेश, सरबजीत, रेनु और नगमा आदि शामिल रहे।
विज्ञापन

भूख हड़ताल का लिया फैसला
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप सिंधु ने बताया कि जब उन्होंने कौशल रोजगार निगम मुख्यालय का घेराव किया तो अधिकारियों ने बताया कि नई नोटिफिकेशन आई है। उसके अनुसार अब कोरोना योद्धाओं को एनएचएम के माध्यम से रोजगार दिया जाएगा। इस पर वे सभी एनएचएम मुख्यालय पहुंचे।
मगर वहां भी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। सिंधु ने बताया कि वे मंगलवार को अन्य कर्मचारियों के साथ भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि बुधवार को चंडीगढ़ मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। कोरोना योद्धाओं ने कहा कि जब हम अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना महामारी से लड़ रहे थे, तो सरकार ने हम पर फूल बरसाए थे। हमारी शान में कसीदे पढ़े जाते थे, मगर आज जब हमारे घरों में चूल्हा जलाने की बात आई तो सरकार हमारे समर्पण को पूरी तरह भूल गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें