मोहाली/खरड़/डेराबस्सी/पंचकूला। ट्राइसिटी में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों से लेकर होटल कारोबार तक को प्रभावित कर दिया है। गैस एजेंसियों के बाहर सिलिंडर लेने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कई होटलों और रेस्टोरेंट में गैस की कमी के कारण मेन्यू से कई व्यंजन हटाने पड़े हैं। खरड़ और आसपास के क्षेत्रों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। लोग एजेंसियों के खुलने से पहले ही सिलिंडर भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं। स्थानीय समाजसेवी अमनदीप सिंह अंमू, कांग्रेसी नेता परमिंदर सिंह सोना, हरजीत सिंह खानपुर और भाजपा नेता पवन मनोचा ने कहा कि पहले की तरह नियमित गैस सप्लाई नहीं हो रही है। सरकार भले ही गैस की कमी से इनकार कर रही हो, लेकिन एजेंसियों के बाहर लग रही भीड़ हालात बयां कर रही है। उन्होंने मांग की कि सप्लाई व्यवस्था सुधारी जाए और कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित जांच की जाए।
दूसरी ओर पंचकूला में गैस की कमी का असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। कई होटलों ने ज्यादा गैस में बनने वाले व्यंजन मेन्यू से हटा दिए हैं और सीमित संसाधनों के साथ काम चला रहे हैं। सेक्टर-10 के होटल व्यवसायी सचिन बजाज के अनुसार गैस की खपत कम करने के लिए पराठे, पूड़ी और मटन जैसे व्यंजन फिलहाल मेन्यू से हटा दिए गए हैं। उनकी जगह तंदूर में बनने वाले आइटम और इंडक्शन पर बनने वाले व्यंजन परोसे जा रहे हैं। गैस सप्लाई में देरी के कारण लोगों का रुझान इंडक्शन चूल्हों की ओर भी बढ़ गया है।