चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिवंगत कर्मचारी तारा सिंह की सेवाओं के मरणोपरांत नियमितीकरण, पुरानी पेंशन और उनकी पत्नी को पारिवारिक पेंशन देने से जुड़े मामले में पंजाब सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से विशेष रूप से यह बताने को कहा है कि नागरिकों को राहत देने के लिए राज्य में कौन-कौन सी योजनाएं और नीतियां लागू हैं। अदालत ने मुफ्त बिजली-पानी, परिवहन और मासिक वित्तीय सहायता समेत विभिन्न प्रकार की सरकारी मदद का पूरा विवरण मांगा है। अदालत ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को इस संबंध में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इसमें योजनाओं के उद्देश्य, उनके तहत दी जा रही सहायता और नागरिकों को मिलने वाले अन्य कल्याणकारी लाभों की जानकारी देने को कहा गया है। याचिका में दिवंगत तारा सिंह की सेवाओं को नियमित करने का मरणोपरांत लाभ देने की मांग की गई है। इसके साथ ही उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने और उनकी पत्नी को पारिवारिक पेंशन जारी करने का अनुरोध किया गया है।
याचिका में परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने की अनुमति देने की मांग भी की गई है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य को अगली सुनवाई से कम से कम तीन दिन पहले अपना लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से नागरिकों को विभिन्न प्रकार की आर्थिक और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य लोगों की कठिनाइयों को कम करना और उनके जीवन को आसान बनाना है। ऐसे में सरकार की कल्याणकारी नीतियों और उनके लाभों की स्पष्ट जानकारी अदालत के समक्ष रखना जरूरी है।