पंचकूला। एक मई से एमडीसी सेक्टर-2 और 3 से चंडीगढ़ आईटी पार्क की दूरी महज डेढ़ मिनट की रह जाएगी। इस दूरी को कम करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पंचकूला सेक्टर-2 और 3 की डिवाइडिंग रोड पर 800 मीटर की सड़क बना रहा है, यह सड़क एमडीसी सेक्टर-6 के डॉल्फिन चौक पर मिलेगा। इसकी मिट्टी की लेवलिंग का काम पूरा कर लिया गया है। यहां बरसाती पानी की निकासी के लिए एक 60 मीटर की पुलिया का निर्माण भी किया जा रहा है। जिसका अभी बेस तैयार हो रहा है। एचएसवीपी इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों ने बताया कि सड़क की गुणवता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। साथ ही यह सड़क माता मनसा देवी कांप्लेक्स (एमडीसी) सेक्टर-7 और 2 की डिवाइडिंग रोड पर जाकर मिलेगा। यहां सुखना झील के रेगुलेटरी एंड तक पहुंचने में महज तीन से चार मिनट का समय लगेगा। इसका काम भी चल रहा इसे 15 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पंचकूला से सुखना तक सात मिनट का होगा सफर...........
माता मनसा देवी कांप्लेक्स (एमडीसी) सेक्टर-7 और 2, एमडीसी-7 और 3 की डिवाइडिंग रोड से होकर चंडीगढ़ की आईटी पार्क की ट्रैफिक लाइटों से पहले सुखना रेगुलेटरी एंड तक 13 करोड़ की लागत से 1.90 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 200 मीटर सड़क का काम पूरा कर लिया गया है। 600 मीटर का शेष रह गया है। सड़क के दोनों तरफ मिट्टी लेवलिंग का काम चल रहा है। इसका रास्ता पंचकूला की तरफ से एमडीसी सेक्टर-6 के वेलकम गेट से खुलेगा। इस मार्ग के निर्माण के बाद एमडीसी से महज पांच से सात मीटर के भीतर सुखना रेगुलेटरी एंड तक पहुंचा जा सकेगा।
कहां कितना हुआ काम
-एमडीसी सेक्टर-2 और 3 की डिवाइडिंग रोड पर मिट्टी समतल करने का काम पूरा
-एमडीसी सेक्टर-2 और 3 की डिवाइडिंग रोड पर बरसाती पानी की निकासी के लिए पुलिया के बेस का निर्माण कार्य शुरू
-सेक्टर-2 और 7 एमडीसी की ओर से पंचकूला की ओर 700 मीटर सड़क पर मिट्टी समतल करने का काम पूरा हो चुका है।
- सेक्टर-2 और 7 एमडीसी की ओर से डॉल्फिन चौक की ओर जाने वाले मार्ग के बीच 1065 मीटर सड़क का काम चल रहा है।
- डॉल्फिन चौक से आगे पंचकूला के वेलकम गेट से आगे 10 मीटर चौड़ी 450 मीटर सड़क बना दी गई है।
सेक्टर-2 और 3 रोड पर 800 मीटर की सड़क का निर्माण किया जा रहा है। यह सड़क चंडीगढ़ आईटी पार्क और सुखना झील के रेगुलेटरी एंड के सेंटर पॉइंट पर जाकर मिलेगा। इसका काम अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। -एनके पायल, एक्सईएन एचएसवीपी पंचकूला।