चंडीगढ़। संस्कृत भाषा में विभिन्न पुरस्कार प्राप्त हरियाणा के विद्वान अब रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा करेंगे। भविष्य में पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्वानों को भी यह सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। हरियाणा संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. दिनेश शास्त्री ने बताया कि यह पुरस्कार प्राप्त विद्वानों के लिए बड़ा सम्मान होगा। लिखित आदेश जारी होते ही उन्हें बसों में किराया नहीं देना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को मंजूरी देकर समस्त संस्कृत विद्वानों का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि संस्कृत महाविद्यालयों व गुरुकुलों में अध्यापन का कार्य करने वाले संस्कृत के उत्कृष्ट आचार्यों व संचालकों के लिए गुरु विरजानंद आचार्य सम्मान, विद्यामार्तण्ड पं. सीताराम शास्त्री सम्मान, पं. युधिष्ठिर मिमांसक आचार्य सम्मान, स्वामी धर्मदेव संस्कृत समाराधक सम्मान देना शुरू किया है। अब तक 29 आचार्यों और गुरुकुल संचालकों को सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2017 व 2018 के लिए पुरस्कारों की घोषणा अकादमी कर चुकी है। शीघ्र ही सभी विद्वानों को भी सम्मानित किया जाएगा। जल्द ही संस्कृत विद्वानों के लिए एप भी शुरू किया जा रहा है। पत्रिका हरिप्रभा को भी ऑनलाइन किया जाएगा।