पंचकूला। 9.60 लाख रुपये के बिजली बिल धोखाधड़ी मामले में पुलिस की आर्थिक विंग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव शर्मा निवासी मोतिया सिटी जीरकपुर पंजाब और कमलप्रीत सिंह निवासी छज्जूमाजरा पंजोखरा जिला अंबाला के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक आर्थिक विंग पंचकूला को ई-पे इंफोसर्व प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरफ से 26 अप्रैल 2019 को शिकायत दी गई थी। कंपनी ने आरोप लगाया था कि दीपचंद, कमलप्रीत सिंह और ओमकार सिंह सहित कैशियर ने मिलकर यह ठगी की है। ई-पे इंफोसर्व प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से हरियाणा के 13 जिलों में बिजली भुगतान संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं। पंचकूला बिजली निगम के सात सब डिवीजन में उपभोक्ताओं के बिजली बिल वसूलने के लिए 17 कैशियर कंपनी की तरफ से तैनात किए गए थे। दीपचंद को जिला को-ऑर्डिनेटर के तौर पर तैनात किया है।
दीपचंद की देखरेख में कंपनी के 17 कैशियर काम करते थे। ये लोग गांवों में जाकर बिजली बिल वसूल कर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के खाते में पैसे जमा कराकर कंपनी को रसीद देते थे। मई 2018 में दीपचंद ने सेक्टर-10 पंचकूला में अपने जानकार कमलप्रीत सिंह को कैशियर के पद पर नियुक्त करवाया। आरोपी कमलप्रीत सिंह ने सेक्टर-10 के उपभोक्ताओं से ई पे-कलेक्शन बुक की रसीद देकर बिजली बिल का पैसा इकट्ठा कर लिया। इसके बाद 9.60 लाख रुपये जमा नहीं कराया। पैसे जमा नहीं होने पर उपभोक्ताओं के बिल में लेट पेमेंट भी लगकर आया। उन्होंने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के दफ्तर में शिकायत की।
शिकायत के बाद ई-पे इंफोसर्व प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। जानकारी के बाद कंपनी की तरफ से सेक्टर-5 पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत के बाद मामले की जांच आर्थिक विंग को दी गई। विंग ने जांच कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इसमें शामिल अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर बिजली बिल की वसूली की जाएगी।